पंजाब कांग्रेस में बगावत: चन्नी का शक्ति प्रदर्शन, अमित शाह से मिले रंधावा; राहुल गांधी के लौटते ही मचेगा घमासान?
पंजाब कांग्रेस में मची कलह! अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को PPCC चीफ बनाए जाने पर चरणजीत सिंह चन्नी ने किया शक्ति प्रदर्शन। जानें क्यों अमित शाह से मिले सांसद रंधावा और क्या है पूरा मामला।

नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव होते ही पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और बगावत की चिंगारी भड़क उठी है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष (PPCC चीफ) बनाए जाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मोरिंडा में अपने आवास पर 60 से अधिक नेताओं के साथ बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। इस बगावती सुर के बीच, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात ने पंजाब से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज कर दी है, हालांकि रंधावा ने इसे गैर-राजनीतिक बैठक बताया है।
चन्नी के घर 60 नेताओं का जमावड़ा, हाईकमान को 15 दिन का अल्टीमेटम
आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब कांग्रेस में यह नाराजगी का पहला खुला प्रदर्शन है। चन्नी के घर करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में 20 से अधिक पूर्व और मौजूदा विधायकों सहित 60 से ज्यादा नेता शामिल हुए। इनमें पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखबिंदर सरकारिया, ओ.पी. सोनी और भरत भूषण आशु प्रमुख थे। दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी बैठक में पहुंचे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाराज नेताओं ने अपने इस्तीफे चन्नी को सौंप दिए हैं और उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर पार्टी हाईकमान के सामने शिकायतें रखने के लिए अधिकृत किया है। यह गुट अगले हफ्ते विदेश से लौट रहे राहुल गांधी से भी मिलने का समय मांग रहा है। चन्नी ने सोशल मीडिया (X) पर कहा कि नेता चाहते हैं कि पंजाब के लोगों की भावनाएं शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। वहीं, राजा वड़िंग गुट ने इसे ‘फ्लॉप शो’ करार देते हुए बैठक में शामिल नेताओं की सूची हाईकमान को भेज दी है।
अमित शाह से मिले रंधावा, गृह मंत्री से लगाई सुरक्षा की गुहार
इस खींचतान के बीच, नवनियुक्त कोर कमेटी चेयरमैन सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। राजनीतिक अटकलों को खारिज करते हुए रंधावा ने कहा, “यह मुलाकात दो महीने पहले पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लिखी गई चिट्ठी के सिलसिले में थी।” उन्होंने शाह को पंजाब पुलिस के ‘राजनीतिकरण’ और सीमा पार (पाकिस्तान) से सक्रिय ताकतों के खतरे से अवगत कराया। राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी रंधावा का बचाव करते हुए उनकी निष्ठा का समर्थन किया है।
चन्नी गुट की बगावत पर रंधावा का तंज
चन्नी के शक्ति प्रदर्शन पर रंधावा ने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। उन्होंने कहा कि लंबी चर्चा के बाद भी ऐसी नौबत आना ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बैठकों के बाद भी लोग असंतुष्ट क्यों हैं, इसका जवाब कांग्रेस पर्यवेक्षक अजय माकन ही दे सकते हैं। बता दें कि हालिया फेरबदल में राजा वड़िंग को अध्यक्ष बनाए रखने के साथ चन्नी को कैंपेन कमेटी और रंधावा को कोर कमेटी का जिम्मा सौंपा गया था, जिससे संतुलन बनाने की कोशिश नाकाम साबित हो रही है।




