श्रावण मास के पहले दिन बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे CM योगी, काल भैरव का आशीर्वाद लेकर की देश के सुख-समृद्धि की कामना
श्रावण मास के प्रथम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बाबा काल भैरव और काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। जानें श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए।
वाराणसी। श्रावण मास के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह काशी की पावन धरा पर पहुंचकर बाबा काल भैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और देशवासियों की सुख, शांति, समृद्धि एवं लोक कल्याण के लिए प्रार्थना की।
हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजा काशी विश्वनाथ धाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव के मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने वैदिक रीति से पूजा-अर्चना और आरती कर बाबा का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां गर्भगृह में षोडशोपचार विधि से बाबा विश्वनाथ का पूजन-अर्चन किया।
मंदिर प्रांगण में मुख्यमंत्री के पहुंचते ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने उत्साह के साथ ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।
कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश
दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने श्रावण मास को लेकर कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अब तक की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए:
- सुगम दर्शन: श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- कड़ी सुरक्षा: पूरे श्रावण मास के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी व निर्बाध बनाए रखा जाए।
- सतत निगरानी: सभी व्यवस्थाओं की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
ध्यान दें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे पूर्व बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भी बाबा काल भैरव और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया था। इस दौरान उनके साथ विधायक नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह सहित स्थानीय जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।




