मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में डिजिटल हेल्थ मिशन को मिलेगी रफ्तार, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दिए अहम निर्देश

मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की समीक्षा के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने डिजिटल हेल्थ सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रदेश में 5.86 करोड़ ABHA ID और 533 अस्पतालों में स्कैन एंड शेयर सुविधा सक्रिय है।

भोपाल. मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए।

डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने पर जोर

मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य देश में एकीकृत और इंटरकनेक्टेड डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम विकसित करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि ABHA ID, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) के माध्यम से प्रदेश की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। बैठक में सीईओ आयुष्मान अरविंद कुमार शाह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सरकारी और निजी संस्थानों का तेजी से हो पंजीयन

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी अस्पतालों, चिकित्सकों, नर्सों, आयुष डॉक्टरों, दंत चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन अभियान तेज किया जाए।

उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल सेवाओं के बेहतर उपयोग के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

5.86 करोड़ से अधिक ABHA ID बनीं

बैठक में सीईओ आयुष्मान अरविंद कुमार शाह ने बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक करीब 5.86 करोड़ ABHA ID बनाई जा चुकी हैं। इसके अलावा—

  • लगभग 20 हजार स्वास्थ्य संस्थान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) में पंजीकृत हैं।
  • करीब 18 हजार स्वास्थ्य पेशेवर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) से जुड़ चुके हैं।

HPR और HFR से मिलेगा डिजिटल पहचान का लाभ

हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री के तहत डॉक्टरों, नर्सों, दंत चिकित्सकों, आयुष चिकित्सकों और अन्य लाइसेंसधारी स्वास्थ्य पेशेवरों का सत्यापित डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इससे सुरक्षित प्रमाणीकरण, टेलीमेडिसिन सेवाओं और विश्वसनीय डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म को बढ़ावा मिलेगा। वहीं हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री के माध्यम से अस्पतालों, क्लीनिकों, लैब, फार्मेसी, इमेजिंग सेंटर और वेलनेस सेंटर का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

533 अस्पतालों में ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा सक्रिय

समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 533 स्वास्थ्य संस्थानों में स्कैन एंड शेयर सुविधा शुरू हो चुकी है। अब तक इस सुविधा के जरिए 1 करोड़ 7 लाख 70 हजार 164 से अधिक डिजिटल ओपीडी टोकन जारी किए जा चुके हैं। इस व्यवस्था में मरीज अस्पताल पहुंचकर ABHA ऐप या अन्य ABDM-सक्षम ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करता है। उसकी सहमति के बाद आवश्यक जानकारी अस्पताल के डिजिटल सिस्टम में सुरक्षित रूप से साझा होती है और उसे बिना लंबी कतार में लगे डिजिटल ओपीडी टोकन मिल जाता है।

मरीजों को मिलेगा तेज और पारदर्शी इलाज

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से मरीज, अस्पताल, डॉक्टर, लैब, फार्मेसी और बीमा सेवाओं के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का सुरक्षित और निर्बाध आदान-प्रदान संभव होगा। इससे इलाज की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button