JSW MG Motor का बड़ा अनुमान, 2026 में कुल बिक्री का 80% हिस्सा बन सकते हैं एनईवी वाहन
JSW MG Motor India को उम्मीद है कि 2026 में उसकी कुल वाहन बिक्री में नवीन ऊर्जा वाहनों (NEV) की हिस्सेदारी 70 से 80 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। बढ़ती ईवी मांग के बीच कंपनी नए इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल लॉन्च करने के साथ उत्पादन क्षमता का भी विस्तार कर रही है।
नई दिल्ली. भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच JSW MG Motor India ने चालू वर्ष के लिए बड़ा अनुमान जताया है। कंपनी का मानना है कि उसकी कुल वाहन बिक्री में नवीन ऊर्जा वाहनों (NEV) की हिस्सेदारी 70 से 80 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों और वैकल्पिक ऊर्जा आधारित वाहनों की ओर ग्राहकों के बढ़ते रुझान ने इस बदलाव को गति दी है।
नए प्लेटफॉर्म पर आएंगे इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल
कंपनी ने ‘एडाप्ट’ नामक नए वाहन प्लेटफॉर्म को पेश किया है, जिसके आधार पर जल्द ही एक नया इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में उतारा जाएगा। इसके बाद इसी वर्ष एक प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल भी लॉन्च करने की योजना है। यह प्लेटफॉर्म इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड और रेंज एक्सटेंडर इलेक्ट्रिक वाहनों को एक ही तकनीकी आधार पर विकसित करने की क्षमता रखता है।
ईंधन कीमतों और बाजार रुझान से बढ़ी EV की मांग
कंपनी के अनुसार, हाल के महीनों में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद इलेक्ट्रिक और नवीन ऊर्जा वाहनों की मांग में स्पष्ट तेजी देखने को मिली है। यात्री वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी जनवरी में 3.8 प्रतिशत थी, जो जून तक बढ़कर 8 प्रतिशत से अधिक हो गई। इससे संकेत मिलता है कि उपभोक्ता अब कम परिचालन लागत वाले और वैकल्पिक ऊर्जा विकल्पों को तेजी से अपना रहे हैं।
उत्पादन बढ़ाने के लिए क्षमता विस्तार पर जोर
बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने गुजरात स्थित हालोल संयंत्र का विस्तार कर रही है। पहले चरण का विस्तार अगले वर्ष मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.2 लाख से बढ़कर 1.6 लाख वाहन हो जाएगी। दूसरे चरण में इसे बढ़ाकर 3 लाख इकाई प्रतिवर्ष तक ले जाने की योजना बनाई गई है। मांग को पूरा करने के लिए संयंत्र में कर्मचारियों की संख्या में भी लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
उत्पाद विकास और स्थानीयकरण में होगा बड़ा निवेश
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में उत्पाद विकास, स्थानीयकरण और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 1,400 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश का प्रावधान किया है। कंपनी का मानना है कि नई तकनीक, आधुनिक प्लेटफॉर्म और बढ़ते निवेश के माध्यम से भारतीय बाजार में नवीन ऊर्जा वाहनों की मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा और भविष्य में इस क्षेत्र में उसकी हिस्सेदारी और मजबूत होगी।




