खाड़ी देशों को पछाड़ अमेरिका बना नंबर-1: जून में भी भारत को सबसे ज्यादा LPG देने वाला देश रहा यूएस
जून में अमेरिका भारत को एलपीजी (LPG) सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बना रहा। खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए भारत ने अमेरिका से रसोई गैस का आयात 19.4% बढ़ाया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए भारत ने रसोई गैस (LPG) के आयात के लिए खाड़ी देशों पर निर्भरता कम कर दी है। इसके चलते जून महीने में भी अमेरिका भारत को एलपीजी की सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बना रहा।
अमेरिकी एलपीजी आयात में 19% की भारी बढ़ोतरी
कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म ‘केप्लर’ के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने जून में अमेरिका से 7.73 लाख मीट्रिक टन एलपीजी का आयात किया, जो मई महीने के मुकाबले 19.4 प्रतिशत ज्यादा है। इस दौरान भारत का कुल एलपीजी आयात भी 3 फीसदी बढ़कर 11.91 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया।
इस सूची में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1.57 लाख मीट्रिक टन की सप्लाई के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, पारंपरिक तौर पर बड़े सप्लायर रहे सऊदी अरब और कुवैत से जून में केवल 64-64 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का ही आयात हुआ।
2026 से और बढ़ेगा अमेरिकी गैस का आयात
भारत की सरकारी तेल रिफाइनरियों ने ऊर्जा सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अमेरिका के साथ एक बड़ा दीर्घकालिक समझौता किया है। इसके तहत साल 2026 से अमेरिका से सालाना 22 लाख टन एलपीजी का आयात किया जाएगा। इससे पहले भारत अपनी 90 प्रतिशत एलपीजी के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (खाड़ी क्षेत्र) के रास्ते पर निर्भर था, जहां तनाव के कारण अक्सर सप्लाई प्रभावित होने का डर रहता था।
उद्योग सूत्रों के अनुसार, भारत ने अगस्त तक के लिए कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित कर लिया है। खाड़ी देशों से भी अब सप्लाई सामान्य हो रही है, लेकिन भारत भविष्य के किसी भी संकट से बचने के लिए अमेरिका के अलावा ओमान, अर्जेंटीना, नाइजीरिया, अल्जीरिया और मिस्र जैसे देशों से भी लगातार आयात बढ़ा रहा है।




