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जयपुर में हाहाकार: नाले की खुदाई के दौरान ढही गगनचुंबी दीवार; मलबे से निकाले गए घायल, NDRF-SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राजस्थान के जयपुर (आमेर) में नाले की खुदाई के दौरान निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से 3 मजदूरों की मौत हो गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका, NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर के आमेर इलाके से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ ताला मोड़ के पास एक निर्माणाधीन इमारत की भारी-भरकम दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। इस मलबे की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने तीन मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है।

नाले की खुदाई के चक्कर में हुआ बड़ा हादसा, ढह गई दीवार

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर के ताला मोड़ इलाके में पिछले कुछ दिनों से नाले की खुदाई का काम चल रहा था। रविवार को भी खुदाई का काम जारी था, लेकिन गहराई ज्यादा होने की वजह से पास ही स्थित एक निर्माणाधीन इमारत की नींव कमजोर हो गई और उसकी विशाल दीवार सीधे काम कर रहे मजदूरों पर जा गिरी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अचानक हुए इस हादसे के कारण करीब 12 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जिनमें ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर शामिल हैं।

लंच टाइम ने बचाई कई जानें, बिहार-झारखंड के रहने वाले हैं मजदूर

शुरुआती जांच और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, प्रभावित और हताहत हुए मजदूर मूल रूप से बिहार और झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। राहत की बात यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय मजदूरों का लंच टाइम (दुपहर के भोजन का समय) चल रहा था। इस वजह से ज्यादातर मजदूर खाना खाने के लिए साइट से थोड़े दूर गए हुए थे और दीवार के पास चंद मजदूर ही मौजूद थे। अगर यह हादसा काम के वक्त हुआ होता, तो हताहतों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती थी। हालांकि, गंभीर रूप से घायलों की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

कलेक्टर का बयान: जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।

NDRF और SDRF की टीमें तैनात, जांच में जुटी पुलिस

हादसे की भयावहता को देखते हुए तुरंत राज्य आपदा राहत बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को मोर्चे पर लगाया गया है। मलबे को हटाने के लिए भारी क्रेन और जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि नाले की खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।

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