हिंदुस्तान जिंक के निवेशकों की खुली किस्मत, SBICAP ने शेयर बाजार में किया बड़ा धमाका!
अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह की प्रमुख इकाई हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। SBICAP Trustee ने कंपनी के 5.15 करोड़ से अधिक गिरवी पड़े शेयरों को मुक्त कर दिया है। इस कदम से गिरवी रखी गई इक्विटी का प्रतिशत घटकर 52.54% पर आ गया है, जिससे बाजार में निवेशक काफी उत्साहित महसूस कर रहे हैं।
उद्योगपति अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह की प्रमुख इकाई हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। SBICAP Trustee Company Limited ने शेयर बाजार को सूचित किया है कि कंपनी के एक बड़े हिस्से के गिरवी रखे गए शेयरों को अब मुक्त कर दिया गया है।
गिरवी रखे गए शेयरों की हुई रिहाई
नियामक निकाय सेबी के शेयर अधिग्रहण और अधिग्रहण से जुड़े नियमों के अंतर्गत दी गई प्रस्तुति में ट्रस्टी ने पुष्टि की है। इसके तहत हिंदुस्तान जिंक के 5,15,64,666 शेयरों को बंधक स्थिति से हटाया गया है। यह मात्रा कंपनी की कुल शेयर पूंजी का लगभग 1.22% प्रतिनिधित्व करती है। यह बदलाव 22 जुलाई 2026 से प्रभावी माना गया है।
होल्डिंग में दर्ज किया गया बड़ा बदलाव
इस रिहाई प्रक्रिया के लागू होने से पहले सुरक्षा ट्रस्टी के पास 2,27,15,78,820 शेयर विभिन्न वित्तीय प्रतिबंधों के तहत दर्ज थे, जो कुल इक्विटी का 53.76% बनते थे। अब 5.15 करोड़ से अधिक शेयरों के बंधनमुक्त होने के बाद यह आंकड़ा गिरकर 2,22,00,14,154 शेयर यानी 52.54% पर आ गया है।
वेदांता लिमिटेड पर पड़ा सीधा प्रभाव
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन शेयरों को वेदांता लिमिटेड द्वारा ऋणदाताओं के लाभार्थ सुरक्षा के रूप में बंधक रखा गया था। इस नए घटनाक्रम से पहले वेदांता के 3.66% शेयर गिरवी स्थिति में थे, जो अब कम होकर 2.44% पर आ गए हैं। हालांकि, नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग के तहत 50.10% शेयर पहले की भांति यथावत बने रहेंगे।




