पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच सीएनजी की धूम, मारुति सुजुकी ने बढ़ाया उत्पादन और बिक्री का लक्ष्य
मारुति सुजुकी इंडिया ने चालू वित्त वर्ष में 9 लाख सीएनजी वाहन बेचने का लक्ष्य रखा है। ईंधन की बढ़ती कीमतों और एसयूवी श्रेणी में बढ़ती मांग के कारण सीएनजी गाड़ियों की बिक्री में भारी उछाल देखा जा रहा है।
देश की अग्रणी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 9 लाख सीएनजी वाहनों की बिक्री का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह आंकड़ा बीते वित्तीय वर्ष में बेची गई 7 लाख से अधिक गाड़ियों की तुलना में करीब 30 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। कंपनी अपनी इस श्रेणी में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुए उत्पादन और आपूर्ति तंत्र को और अधिक मजबूत करने में जुटी हुई है।
पहली तिमाही में दर्ज की गई रिकॉर्ड वृद्धि
कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के दौरान 2.2 लाख सीएनजी वाहनों की बिक्री दर्ज की गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है। शुरुआती महीनों में मिले इस मजबूत रुझान ने कंपनी को सालाना लक्ष्य हासिल करने के प्रति अत्यधिक आश्वस्त किया है।
ईंधन की कीमतों में उछाल से बदला ग्राहकों का रुझान
पश्चिम एशिया में जारी राजनीतिक और सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिससे आम उपभोक्ताओं का झुकाव सीएनजी विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ा है। मारुति सुजुकी के अनुसार, ईंधन दरों में बढ़ोतरी के बाद से ही शोरूम्स पर सीएनजी मॉडल गाड़ियों की पूछताछ और बुकिंग में तीव्र उछाल दर्ज किया जा रहा है।
एसयूवी सेगमेंट में बढ़ी सीएनजी की मांग
पूर्व में सीएनजी तकनीक की मांग मुख्य रूप से हैचबैक कारों, वैन और अर्टिगा तक ही सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब एसयूवी श्रेणी में भी इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। विक्टोरिस एसयूवी मॉडल की कुल बिक्री में आधा हिस्सा गाड़ी के निचले हिस्से में लगे सीएनजी टैंक वाले संस्करण का है। इसी सफलता को दोहराने के लिए कंपनी ने नई ब्रेज़ा एस-सीएनजी में भी अंडरबॉडी टैंक की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई है।
भारतीय बाजार में व्यापक मॉडल रेंज और हिस्सेदारी
मारुति सुजुकी वर्तमान में घरेलू बाजार में वाणिज्यिक वाहनों सहित कुल 15 सीएनजी मॉडल बेच रही है। हाल के महीनों में कंपनी की कुल वाहन बिक्री में सीएनजी मॉडल की हिस्सेदारी बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुँच गई है। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से साबित करते हैं कि भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पर्यावरण-अनुकूल और किफायती ईंधन वाले वाहनों की स्वीकार्यता काफी तेजी से बढ़ रही है।




