अंतरराष्ट्रीय

PoK में भारी बगावत: भड़के लोगों ने भारत से मांगी मदद, बोले- ‘LoC तोड़ दो, हमें आपकी जरूरत है!’

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भारी विद्रोह छिड़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने भारत से मदद मांगते हुए LoC तोड़ने की बात कही है। जानिए क्यों बेकाबू हुए हालात।

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं। पाकिस्तानी हुकूमत की बर्बरता और 600 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बन गई है। इस बीच, आंदोलनकारी संगठन ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के नेताओं ने भारत से सीधे मदद की गुहार लगाते हुए दोनों देशों के बीच की नियंत्रण रेखा (LoC) को ही खत्म करने की अपील कर दी है।

राशन-दवाइयां खत्म, बॉर्डर पार के भाई मदद करें — सरदार अमन खान

सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर जेएएसी के मुख्य सदस्य सरदार अमन खान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वे बदहाली का रोना रोते हुए सीधे जम्मू-कश्मीर के लोगों को आवाज लगा रहे हैं। उन्होंने पुंछ, राजौरी, मेंढर और डोडा के लोगों से अपील करते हुए कहा कि PoK में आटे, राशन और दवाइयों की भारी किल्लत हो गई है, इसलिए सीमा पार के भाई उनकी मदद के लिए आगे आएं।

‘हम LoC को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं’

पाकिस्तानी कब्जे से आजाद होने की तड़प बयां करते हुए जेएएसी नेता ने दोनों देशों के बीच की सीमा यानी सीजफायर लाइन को हमेशा के लिए मिटाने की बात कही। अमन खान ने पाकिस्तानी हुक्मरानों को चेतावनी दी कि वे स्थानीय लोगों को कमजोर समझने की भूल न करें। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पूछा, “क्या हमें LoC की तरफ बढ़ना चाहिए?” जिस पर पूरी भीड़ ने एक सुर में “हां” का नारा लगाया।

महीने भर से जारी जुल्म, पूरे जम्मू-कश्मीर से एकजुट होने की अपील

सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई से नाराज नेताओं ने साफ किया कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बदले गोलियां चलाई गईं, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। अमन खान ने श्रीनगर, बारामूला, पुंछ, जम्मू, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान समेत पूरे मूल राज्य के लोगों से इस तानाशाही के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने दोटूक कहा कि अगर पाकिस्तान क्रूरता दिखाएगा, तो यहां के लोग ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button