अंतरराष्ट्रीय

इंटरसेप्टर का स्टॉक बचाने की मजबूरी: अमेरिका ने ईरानी मिसाइलों को बुनियादी ढांचों पर गिरने दिया, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

अमेरिकी सेना गोला-बारूद और इंटरसेप्टर की कमी के चलते ईरान के कुछ मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में नाकाम रही। वाशिंगटन से सामने आई इस खबर से हड़कंप मच गया है।

अंतरराष्ट्रीय सैन्य क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रक्षा सामग्री और हथियारों का भंडार तेजी से खाली होने के कारण अमेरिकी सैन्य बल ईरान द्वारा दागे जा रहे कुछ मिसाइलों और हमलावर ड्रोनों को हवा में ही नष्ट करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। मीडिया में प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि सैन्य अधिकारियों को एंटी-मिसाइल इंटरसेप्टर के सीमित स्टॉक को सुरक्षित रखने के लिए रणनीतिक तौर पर यह कदम उठाना पड़ा है।

सैन्य अड्डों की सुरक्षा प्राथमिकता, बुनियादी ढांचे को नुकसान का खतरा

सामरिक निर्णय के तहत अमेरिकी रक्षा प्रणालियां केवल उन्हीं लक्ष्यों को निशाना बना रही हैं जिनसे सीधे तौर पर उनके सैनिकों के जीवन को खतरा है। ऐसे क्षेत्र जहां सैनिकों की मौजूदगी नहीं है, वहां से गुजरने वाले ड्रोनों और मिसाइलों को बिना इंटरसेप्ट किए आगे बढ़ने दिया जा रहा है। हालांकि इस नीति से सैन्य अड्डों के बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचने का जोखिम काफी अधिक बढ़ गया है, लेकिन सीमित गोला-बारूद के चलते यह कठोर निर्णय लिया गया है।

राजदूत ने दावों को खारिज किया, खबरें फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग

सैन्य स्टॉक समाप्त होने की इन खबरों का संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज़ ने कड़ा विरोध किया है। एक मीडिया साक्षात्कार के दौरान उन्होंने हथियारों की कमी की बात को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपील की कि इस प्रकार की संवेदनशील और भ्रामक खबरों पर विश्वास न किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने इस तरह की सूचनाएं प्रसारित करने वाले जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उन्हें जेल भेजने की वकालत की है।

ट्रंप प्रशासन की चिंता और सैन्य अभियान में बदलाव की योजना

दूसरी ओर, वाशिंगटन में रक्षा बजट और हथियारों की तेजी से हो रही खपत को लेकर उच्च स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियानों को और अधिक उग्र करने की पूर्व योजनाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है। प्रशासन को यह आशंका सता रही है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच पैट्रियट इंटरसेप्टर और अन्य अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों का भंडार बेहद संवेदनशील और खतरनाक स्तर तक घट सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button