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कांगो में इबोला का कोहराम: मरने वालों की संख्या 473 हुई, संक्रमितों का आंकड़ा 1500 के पार

DR Congo Ebola Outbreak: कांगो में इबोला वायरस से 473 लोगों की मौत, संक्रमितों की संख्या 1500 पार। WHO ने घोषित किया हेल्थ इमरजेंसी, निपटने के लिए मिली 91 करोड़ डॉलर की मदद।

किंशासा: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DR कांगो) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार जानलेवा होता जा रहा है। देश में इस खतरनाक बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 473 हो गई है, जबकि कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1,500 को पार कर चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इतूरी और उत्तरी कीवू प्रांतों में 42 नए मामले सामने आने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे पहले ही ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित कर दिया है।

संक्रमण का ताजा आंकड़ा और स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां

कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 15 मई को बीमारी की घोषणा के बाद से अब तक 1,500 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि 213 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 628 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। इतूरी, उत्तरी कीवू और दक्षिणी कीवू प्रांतों के 34 प्रभावित क्षेत्रों में 11,000 से अधिक ऐसे लोगों को निगरानी (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) में रखा गया है, जो संक्रमितों के संपर्क में आए थे।

स्थानीय विरोध के कारण बचाव अभियान में बाधा

प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती इतूरी प्रांत में आ रही है, जहां स्थानीय लोगों द्वारा बचाव उपायों और चिकित्सा टीमों का विरोध किया जा रहा है। इसके कारण संक्रमण रोकने के अभियानों में बाधा आ रही है। सरकार अब समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने के प्रयासों में जुटी है।

वैश्विक आपातकाल और 91 करोड़ डॉलर की मदद

इबोला के इस वर्तमान प्रकोप के लिए वायरस का ‘बुंदीबुग्यो स्ट्रेन’ जिम्मेदार है। यह बीमारी कांगो के साथ-साथ पड़ोसी देश युगांडा में भी पैर पसार रही है, जहां अब तक 20 मामले सामने आ चुके हैं। खतरे की गंभीरता को देखते हुए अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने किंशासा में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। कांगो और युगांडा की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं और विकास भागीदारों ने 91 करोड़ डॉलर (लगभग 910 मिलियन डॉलर) की वित्तीय मदद देने का संकल्प लिया है।

मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों की अपील

इस संकट पर कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी ने क्षेत्रीय एकजुटता की अपील की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में महाद्वीप पर इस तरह की महामारियों से निपटने के लिए अफ्रीकी देशों को अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को और अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना होगा।

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