छत्तीसगढ़

ग्रामीण योजनाओं की समीक्षा: आवास, जल संरक्षण और स्कूल सुविधाओं पर तेज कार्रवाई के निर्देश

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता, पारदर्शिता, आवास निर्माण, जल संरक्षण, स्कूल सुविधाओं और समयबद्ध विकास कार्यों पर विशेष जोर दिया।

रायपुर. छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीण विकास से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अगले आठ महीनों में निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिला पंचायत अधिकारियों को नियमित मैदानी निगरानी के निर्देश

समीक्षा बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अपने-अपने विकासखंडों का नियमित भ्रमण करने, निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी रखने और आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों की मैदानी सक्रियता, जवाबदेही और निरंतर निरीक्षण बेहद आवश्यक है।

स्कूल, मुक्तिधाम और जल संरक्षण परियोजनाओं पर विशेष फोकस

उप मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शौचालयों का निर्माण शीघ्र पूरा करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। जिन गांवों में मुक्तिधाम उपलब्ध नहीं हैं वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराने को कहा गया। इसके साथ ही अनुपयोगी और खराब पड़े बोरवेलों को इंजेक्शन वेल के रूप में विकसित कर जल संरक्षण को बढ़ावा देने की योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश भी दिए गए।

वीबी जीरामजी योजना में पारदर्शिता और जनभागीदारी पर जोर

वीबी जीरामजी योजना की समीक्षा के दौरान योजना के क्रियान्वयन में स्थानीय समुदाय, वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने, विभिन्न योजनाओं के समन्वय से विकास कार्यों को गति देने और सभी परियोजनाओं में मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए। धान खरीदी केंद्रों में चबूतरे, आंगनबाड़ी केंद्रों, पीएम विद्यालयों, पोटा केबिनों, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय निर्माण और धरसा विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना में बाधा डालने वालों पर होगी कार्रवाई

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्यों की समयबद्ध जियो-टैगिंग और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यदि किसी गरीब परिवार के आवास निर्माण में कोई व्यक्ति या अधिकारी अनावश्यक बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने आवास निर्माण प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाए रखने पर भी जोर दिया।

सौर ऊर्जा और संवेदनशील प्रशासन को बढ़ावा

बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं को केवल निर्माण कार्य तक सीमित न रखकर स्थायी और टिकाऊ विकास का माध्यम बनाने पर जोर दिया गया। जिला पंचायत भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने, जहां व्यवस्था उपलब्ध नहीं है वहां स्थापना कराने तथा उसके रखरखाव के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला समूहों को प्रशिक्षित कर जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी प्रशासन, ऊर्जा संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाओं के माध्यम से विकास को नई गति देना है।

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