उत्तर प्रदेशराज्य

काशी को मिली बड़ी सौगात, गंगा और वरुणा के किनारे बनेंगे दो एलिवेटेड कॉरिडोर

वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के समानांतर दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। 14,447 करोड़ रुपये की इस परियोजना से ट्रैफिक जाम कम होगा, प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर बनेगी तथा यात्रा समय में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।

वाराणसी. वाराणसी की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गंगा और वरुणा नदी के समानांतर दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना, शहर की कनेक्टिविटी मजबूत करना और पूर्वांचल के विकास को नई गति देना है। इसे वाराणसी के अवसंरचनात्मक और आर्थिक विकास की अहम परियोजनाओं में शामिल माना जा रहा है।

14,447 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी परियोजना

इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच लगभग 46.04 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 14,447.64 करोड़ रुपये है। इसमें एलिवेटेड मुख्य मार्ग के साथ केबल-स्टे ब्रिज, फुट ओवर ब्रिज, रैंप, लूप, लिंक रोड और सर्विस रोड जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।

यात्रा समय घटेगा, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

नई एलिवेटेड सड़क बनने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। परियोजना को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इससे कई प्रमुख मार्गों पर यात्रा समय लगभग 60 मिनट से घटकर 20 मिनट तक पहुंच सकता है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से काशी रेलवे स्टेशन तक का सफर भी पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा।

धार्मिक, शैक्षणिक और पर्यटन स्थलों तक होगी बेहतर पहुंच

एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से वाराणसी के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच अधिक आसान होगी। काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, नमो घाट, काशी रेलवे स्टेशन, रामनगर किला और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के साथ बेहतर सड़क संपर्क विकसित होगा। इसके अलावा लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे, वाराणसी रिंग रोड और अंतर्देशीय जलमार्ग से भी कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।

माल ढुलाई और पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा

यह परियोजना केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि माल ढुलाई को भी अधिक सुगम बनाएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही वाराणसी आने वाले करोड़ों पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। आधुनिक परिवहन व्यवस्था से शहर में भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।

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