राजनीतिक

TMC बागी सांसदों का बड़ा दावा, ओम बिरला से मिला नई सीट और दफ्तर का आश्वासन

संसद के मानसून सत्र से पहले TMC बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से नई सीट और कार्यालय का आश्वासन मिलने का दावा किया। दूसरी ओर, दल-बदल मामले में अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले का इंतजार है।

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी सियासी खींचतान के बीच संसद के मानसून सत्र से पहले नया घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी छोड़कर अलग राजनीतिक गुट का हिस्सा बने सांसदों ने दावा किया है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उन्हें संसद में नई सीटें आवंटित करने और अलग कार्यालय उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है। इस दावे ने आगामी संसदीय सत्र से पहले राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है।

सर्वदलीय बैठक में प्रतिनिधित्व मिलने से बढ़ी अटकलें

बागी सांसदों का कहना है कि उनके नए राजनीतिक दल नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के दो प्रतिनिधियों को संसद सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया गया है। इसे नए गुट की संसदीय पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। सांसदों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में संसद भवन में बैठने की व्यवस्था और कार्यालय आवंटन जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

दल-बदल मामले में TMC ने उठाया कानूनी कदम

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी छोड़कर दूसरे दल में शामिल हुए 20 सांसदों के खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता की मांग की है। पार्टी की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को अलग-अलग याचिकाएं सौंपकर कहा गया है कि संबंधित सांसदों ने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है, इसलिए उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। साथ ही यह आग्रह भी किया गया है कि किसी अलग गुट को आधिकारिक मान्यता या संसदीय सुविधाएं न दी जाएं।

मानसून सत्र से पहले फैसले पर टिकी नजर

रिपोर्ट्स के अनुसार, संसद के मानसून सत्र से पहले दल-बदल और नए संसदीय समूह से जुड़े मामलों पर निर्णय सामने आ सकता है। सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि लोकसभा अध्यक्ष संबंधित मामलों की समीक्षा के बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकते हैं। इसी क्रम में अन्य दलों के बागी सांसदों से जुड़े मामलों पर भी फैसला आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में संसद सत्र शुरू होने से पहले होने वाले निर्णयों पर सभी राजनीतिक दलों और सांसदों की नजर बनी हुई है।

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