महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल: ‘कांग्रेस MLC को मिला ₹20 करोड़ का ऑफर’, संजय राउत का बड़ा दावा!
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र में कांग्रेस MLC धीरज लिंगाड़े को पाला बदलने के लिए ₹20 करोड़ का ऑफर मिलने का दावा किया है। पढ़ें पूरी राजनीतिक हलचल।
मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में दल-बदल और विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना UBT) के सांसद संजय राउत ने रविवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (MLC) धीरज लिंगाड़े को पाला बदलने के लिए 20 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था। हालांकि, खुद कांग्रेस विधायक और विपक्षी दल भाजपा ने राउत के इस दावे को पूरी तरह खारिज और मनगढ़ंत करार दिया है।
‘लिंगाड़े को मिला 20 करोड़ का ऑफर’ – संजय राउत का आरोप
पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “आप पार्टी कार्यकर्ताओं, सांसदों और विधायकों को पैसों के दम पर अपनी तरफ खींच रहे हैं। मेरी पक्की जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस MLC धीरज लिंगाड़े को पाला बदलने के लिए 20 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था।” राउत ने आगे किसी पार्टी का नाम लिए बिना चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो राजनेता यह नहीं समझते कि उन्हें कहां रुकना है, उनका अंत बेहद दुखद होता है।
इस दावे के तुरंत बाद जब मीडिया ने कांग्रेस MLC धीरज लिंगाड़े से बात की, तो उन्होंने ऐसे किसी भी ऑफर मिलने से साफ इनकार कर दिया। लिंगाड़े ने कहा कि वह राउत के इस बयान से खुद हैरान हैं।
‘राउत लाते हैं मनगढ़ंत आंकड़े’ – भाजपा का पलटवार
महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता गिरीश महाजन ने राउत के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। महाजन ने तंज कसते हुए कहा कि संजय राउत हमेशा हवा में मनगढ़ंत आंकड़ेबाजी करते रहते हैं। उन्होंने सलाह दी कि शिवसेना (UBT) को दूसरों पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय अपने बचे-खुचे संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
‘लोकतंत्र नहीं, अब सिर्फ 3 लोगों की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है UBT’
इस विवाद के बीच भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने भी संवाददाता सम्मेलन कर उद्धव गुट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “संजय राउत को लोकतंत्र पर उपदेश देने से पहले यह देखना चाहिए कि क्या उनकी अपनी पार्टी में कोई लोकतंत्र बचा है? यूबीटी गुट में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। यह पार्टी अब सिर्फ तीन लोगों—उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत द्वारा संचालित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनकर रह गई है।”
प्रवक्ता ने भाजपा विधायक नितेश राणे के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उद्धव गुट अब एक ‘बचत समूह’ (Self Help Group) बन चुका है, जिसमें आम बचत समूह से भी कम सदस्य बचे हैं।




