15 से 30 जुलाई तक चलेगा ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’, मुख्यमंत्री बोले- जनभागीदारी से मिलेगी जीत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नशा मुक्त मध्यप्रदेश अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की। 15 से 30 जुलाई तक मध्यप्रदेश पुलिस 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाएगी।

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे समय में नशे जैसी सामाजिक बुराई विकास की गति को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सहयोग से प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
‘नशा वर्तमान और भविष्य दोनों को प्रभावित करता है’
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यह वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी नकारात्मक असर डालता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत रचनात्मकता, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक प्रगति में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। इसी कारण राज्य सरकार हर प्रकार के नशे पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चला रही है।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत के संकल्प और वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह प्रदेश ने अन्य बड़ी चुनौतियों का सामना किया है, उसी तरह जनसहयोग के बल पर नशे के खिलाफ यह अभियान भी सफल होगा।
15 से 30 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 से 30 जुलाई तक चलाए जाने वाले “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक जागरूकता और नागरिकों के सहयोग से ही नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।




