छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना बनी आत्मनिर्भरता की ताकत, बस्तर की तुपकी कला को मिला नया जीवन

महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता ने बस्तर की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। गोंचा पर्व के लिए पारंपरिक तुपकी निर्माण से आय बढ़ने के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी नई मजबूती मिल रही है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ स्थानीय परंपराओं और पारंपरिक आजीविकाओं को भी मजबूती देने का माध्यम बन रही है। बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड स्थित मांझीगुड़ा गांव की चंदा ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग गोंचा पर्व में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक तुपकी बनाने के लिए किया। इस पहल से परिवार की आय बढ़ने की उम्मीद है, वहीं बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

गोंचा पर्व की तैयारियों में जुटा पूरा परिवार

बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा पर्व धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पारंपरिक पहचान का महत्वपूर्ण उत्सव माना जाता है। पर्व से पहले चंदा अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में तुपकी तैयार कर रही हैं। गोंचा पर्व के दौरान इसकी मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है और घरेलू आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

तुपकी से जुड़ी है बस्तर की अनूठी परंपरा

तुपकी बांस से तैयार किया जाने वाला बस्तर का पारंपरिक यंत्र है। इसमें मलाग्नी वृक्ष के बीज, जिन्हें स्थानीय भाषा में पेंगू कहा जाता है, का उपयोग कर बंदूक जैसी ध्वनि उत्पन्न की जाती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु इसी तुपकी से पारंपरिक सलामी देते हैं। यह परंपरा वर्षों से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रही है और आज भी पूरे उत्साह के साथ निभाई जाती है।

योजना से बढ़ा आत्मविश्वास, पारंपरिक कौशल बना रोजगार का माध्यम

चंदा के अनुसार, महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। इसी राशि से उन्होंने तुपकी निर्माण के लिए आवश्यक बांस और अन्य सामग्री खरीदी। अब पूरा परिवार इस कार्य में लगा है और गोंचा पर्व के दौरान बेहतर आय की उम्मीद कर रहा है। उनका मानना है कि यह योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहयोग नहीं देती, बल्कि पारंपरिक कला और कौशल को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान करती है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का लगातार जोर

प्रदेश में महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 29 किस्तों के माध्यम से 18,805 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है। योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ पारंपरिक आजीविका और स्थानीय संस्कृति को भी नई मजबूती देना है।

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