मध्यप्रदेश पुलिस को देश में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य, CM मोहन यादव ने दिए बड़े निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने का लक्ष्य तय किया। कानून व्यवस्था, 25 हजार पदोन्नति, नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, नशा मुक्ति अभियान, भर्ती, सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर अहम निर्देश दिए।

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने का लक्ष्य तय करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में पुलिस विभाग में विभिन्न स्तरों पर करीब 25 हजार पदोन्नतियां की गई हैं, इसलिए अब अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में बेहतर परिणाम दिखाई देने चाहिए। पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पदोन्नति अभियान की सफलता पर बधाई देते हुए नागरिकों के भरोसे को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
त्योहारों और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही राजधानी से लेकर सभी जिलों तक वरिष्ठ अधिकारियों को आगामी त्योहारों और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और पुलिस बल को पूरी तरह सतर्क रखने को कहा, ताकि नागरिकों को बेहतर कानून व्यवस्था का लाभ मिल सके।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के साथ निभाए पुलिस अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों की गति तेज करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल सुरक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि विकास और जनसहभागिता से जुड़े सकारात्मक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाए। इससे इन क्षेत्रों में विश्वास और स्थायी शांति का वातावरण और मजबूत होगा।
नशा मुक्ति अभियान और अवैध तस्करी पर सख्ती
डॉ. यादव ने नशा मुक्ति अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर देते हुए पुलिस और उच्च शिक्षा विभाग के बीच समन्वय बढ़ाने की बात कही। शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने, उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
उद्योगों की सुरक्षा, भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया होगी तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना आवश्यक है। इसके लिए उद्योगों और विभिन्न संस्थानों को लाइसेंसधारी सुरक्षा स्टाफ उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग में रिक्त पदों की समयबद्ध भर्ती, नियमित डीपीसी, बैकलॉग समाप्त करने और सभी स्वीकृत पद जल्द भरने के निर्देश दिए। साथ ही बैगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को पुलिस सहित अन्य सेवाओं में भर्ती के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
हर जिले में पुलिस बैंड और आधुनिक संसाधनों पर फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी गणतंत्र दिवस तक प्रत्येक जिले का अपना पुलिस बैंड तैयार हो। इसके अलावा पुलिस हाउसिंग, आधुनिक वाहनों की उपलब्धता, पुलिस भर्ती व्यवस्था और घटनास्थल पर वैज्ञानिक जांच को मजबूत बनाने के लिए एफएसएल जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक संसाधनों और प्रशिक्षित मानवबल के साथ मध्यप्रदेश पुलिस को देश में उत्कृष्ट पहचान दिलाने की दिशा में लगातार कार्य किया जाएगा।




