फिरोजाबाद हत्याकांड: डेढ़ साल के मासूम की हत्या पर कातिल को फांसी, 40 दिन में आया फैसला
फिरोजाबाद के चर्चित आरव हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी विराज पाठक को फांसी की सजा सुनाई। एकतरफा प्रेम के चलते डेढ़ साल के मासूम की हत्या हुई थी। सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और 13 गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने 40 दिनों में फैसला सुनाया।
फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने दोषी विराज पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान महज 40 दिनों के भीतर फैसला सुनाया गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। यह घटना 30 मई 2026 को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में हुई थी, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
एकतरफा प्रेम के चलते मासूम बना निशाना
जांच के अनुसार आरोपी विराज पाठक का आरव की मां रति से नजदीकी बढ़ाने का प्रयास चल रहा था। पारिवारिक विवाद का लाभ उठाकर वह भरोसा जीतना चाहता था, लेकिन मासूम आरव उसके इरादों के बीच बाधा बन गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बच्चे को चॉकलेट दिलाने का बहाना बनाकर घर से बाहर ले गया और गली में उसे कई बार जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसने जांच को मजबूत आधार दिया।
पांच घंटे में गिरफ्तारी, एक सप्ताह में चार्जशीट
घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियों ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाकर एक सप्ताह के भीतर लगभग 80 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए साक्ष्यों ने मुकदमे की सुनवाई को तेज गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
13 गवाहों की गवाही बनी मजबूत आधार
मुकदमे के दौरान 13 प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अदालत में दर्ज किए गए। सभी गवाहों ने न्यायालय के समक्ष घटनाक्रम की पुष्टि की, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला और मजबूत हुआ। जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने आरोपी को दोषी ठहराने के बाद उसे फांसी की सजा सुनाई। फैसला आने के बाद मासूम आरव की मां और नानी ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि कठोर सजा से समाज में ऐसा अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिलेगा।



