कांगो में पैर पसार रहा इबोला: UN और सहयोगी संगठन पीड़ितों की मदद में जुटे
पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला के मामले 1400 के पार पहुंच गए हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) और WHO प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों और उपचार में जुटे हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कांगो. अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के पूर्वी हिस्से में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इस संकट की घड़ी में संयुक्त राष्ट्र (UN) और उसके सहयोगी संगठन स्थानीय लोगों की मदद के लिए लगातार काम कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने बताया कि इतुरी प्रांत के किगोंज़ विस्थापन स्थल पर इबोला के दो नए मामलों की पुष्टि हुई है, जहां करीब 15,000 विस्थापित लोगों ने शरण ले रखी है।
स्वास्थ्य केंद्र में आगजनी और अविश्वास बना बड़ी चुनौती
महामारी से निपटने के लिए विस्थापन स्थल पर एक नया इबोला उपचार केंद्र स्थापित किया जा रहा है, साथ ही विस्थापितों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। बीमारी की रोकथाम के लिए हैंडवाशिंग स्थल बनाए जा रहे हैं और सामुदायिक जागरूकता बढ़ाई जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्थानीय समुदाय में भरोसे की कमी के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में इतुरी प्रांत के एक गांव में प्रदर्शनकारियों ने एक स्वास्थ्य केंद्र में आग लगा दी, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई।
बढ़ रहा है मरीजों का आंकड़ा
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इतुरी, उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु प्रांतों में इबोला के 1,406 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा, इतुरी से जुड़े तीन मामले पड़ोसी प्रांतों हाउत-उएले और त्शोपो में भी मिले हैं, जिससे इस जानलेवा बीमारी के और ज्यादा फैलने की आशंका बढ़ गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ इबोला समन्वयक जूलियन हार्नीस डीआरसी की राजधानी किंशासा पहुंच चुके हैं। वे वहां राष्ट्रीय अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर राहत कार्यों की निगरानी करेंगे, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।




