भोपाल में कोचिंग सेंटरों पर फायर सेफ्टी जांच तेज, सुरक्षा इंतजामों की हो रही कड़ी पड़ताल
भोपाल में कोचिंग सेंटरों की फायर सेफ्टी जांच तेज हो गई है। कई संस्थानों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। 31 डिफॉल्टर कोचिंग सेंटरों पर अगली कार्रवाई की तैयारी भी चल रही है।
भोपाल. भोपाल में कोचिंग सेंटरों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच लगातार जारी है। नगर निगम की फायर टीम ने 11 नंबर स्टॉप क्षेत्र में संचालित छह कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। पहली बार टीम सुबह पहुंची, लेकिन उस समय संस्थान बंद मिले। इसके बाद शाम को दोबारा निरीक्षण किया गया, जहां सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान किसी भी सेंटर में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके बाद संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए।
जर्जर भवन में संचालित हो रहे थे कोचिंग सेंटर
फायर विभाग के अनुसार शिकायत मिलने के बाद टीम उस भवन तक पहुंची, जहां नाले के ऊपर बने एक पुराने ढांचे में कई कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे थे। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने संचालकों को तत्काल फायर सेफ्टी उपकरण लगाने और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
31 डिफॉल्टर संस्थानों पर अगली कार्रवाई की तैयारी
फायर विभाग ने बताया कि जिन 31 कोचिंग सेंटरों को पहले सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए समय दिया गया था, उनकी निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। हालांकि प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मंगलवार को उनके खिलाफ सीलिंग या तालाबंदी की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी। संबंधित फाइल स्वीकृति प्रक्रिया में है और अंतिम निर्देश मिलते ही दोबारा निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस के बाद भी कई संस्थानों ने नहीं निभाई जिम्मेदारी
नगर निगम ने जून में शहर के 61 कोचिंग सेंटरों को फायर सेफ्टी संबंधी नोटिस जारी किए थे। इसके अलावा फायर विभाग ने जांच के दौरान आठ कोचिंग सेंटरों को तत्काल सील भी किया था। बाद में आयोजित बैठक में संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद सभी संस्थानों की ओर से अपेक्षित अनुपालन नहीं किया गया।
सुरक्षा मानकों के पालन पर प्रशासन का जोर
नगर निगम और फायर विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित फायर सेफ्टी मानकों का पालन करना होगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




