वाराणसी में पुलिस एनकाउंटर: जितेंद्र पटेल हत्याकांड का 21 दिन में खुलासा, मुठभेड़ में 2 शूटरों के पैर में लगी गोली
वाराणसी के चर्चित जितेंद्र पटेल हत्याकांड का पुलिस ने 21 दिन में किया खुलासा। रोहनिया में पुलिस मुठभेड़ के दौरान शूटर ज्ञानशू और गोलू के पैर में लगी गोली, अवैध असलहे बरामद।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर में हुए चर्चित जितेंद्र पटेल हत्याकांड का पुलिस ने महज 21 दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। सोमवार को एक सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर रही पुलिस टीम और बदमाशों के बीच तीखी मुठभेड़ हो गई। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां दोनों शूटरों के पैर में लगीं, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।
चेकिंग के दौरान भाग रहे थे बदमाश, टीवीएस रोनिन बाइक और असलहे बरामद
पुलिस के अनुसार, सोमवार (29 जून) को रोहनिया इलाके में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने जब उनका पीछा किया, तो आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए पुलिस पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिससे दोनों बदमाश घायल होकर गिर पड़े।
बरामदगी: गिरफ्तार आरोपियों के पास से जितेंद्र की हत्या में इस्तेमाल की गई टीवीएस रोनिन (TVS Ronin) मोटरसाइकिल, एक पिस्टल, एक अवैध तमंचा और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
ज्ञानशू और गोलू के रूप में हुई पहचान, अस्पताल में इलाज जारी
पकड़े गए शातिर अपराधियों की पहचान ज्ञानशू पटेल और गोलू पटेल के रूप में हुई है। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) के आधार पर दोनों की जितेंद्र पटेल हत्याकांड में सीधी संलिप्तता की पुष्टि हो चुकी है। मुठभेड़ में घायल दोनों शूटरों को पुलिस ने प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे की पूरी साजिश और अन्य मददगारों का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है।




