Ketan Agarwal Murder Case: मंगेतर सिया को किसने दिया था ‘डेथ सिग्नल’ का आइडिया? पुलिस का बड़ा खुलासा!
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के मशहूर केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मंगेतर सिया गोयल को हत्या के लिए उकसाने वाला मुख्य विलेन कौन था। जानिए विग विवाद, ₹3 करोड़ की शादी और सीएम फडणवीस के बड़े फैसले की पूरी इनसाइड स्टोरी।
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे. रियल एस्टेट बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुणे पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने आखिरकार उस ‘मास्टरमाइंड’ का पता लगा लिया है, जिसने केतन की मंगेतर सिया गोयल को इस खौफनाक मर्डर के लिए उकसाया था। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने और देश के दिग्गज वकील उज्ज्वल निकम को विशेष अभियोजक (Special Prosecutor) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
लव ट्रायंगल और लोहागढ़ किले पर ‘मर्डर का वो इशारा’
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस पूरी साजिश के पीछे सह-आरोपी चेतन चौधरी (22) का हाथ था, जिसके सिया गोयल (20) के साथ प्रेम संबंध थे। जांच में सामने आया है कि 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले में ट्रैकिंग के दौरान, पहले से तय प्लानिंग के तहत सिया ने चेतन को एक गुप्त इशारा (सिग्नल) किया। संकेत मिलते ही चेतन ने 25 वर्षीय केतन अग्रवाल को पीछे से गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
केतन के पिता का दर्द: “अगर सिया को केतन के विग पहनने से दिक्कत थी, तो वह सगाई तोड़ देती। मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी? हमने शादी से पहले ही उन्हें इस बारे में बता दिया था।”
विग विवाद और 3 करोड़ की शादी का सच
सोशल मीडिया और मीडिया में चल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए सिया के पिता ने स्पष्ट किया कि शादी उदयपुर में ही तय हुई थी, जिसके लिए 70 कमरे बुक थे। हालांकि, पानी की तरह पैसा बहाने के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने बताया कि शादी का कुल बजट ₹3 करोड़ के करीब था। वहीं, सिया की मां का दावा है कि सिया उस दिन ट्रैकिंग पर जाना ही नहीं चाहती थी, बल्कि केतन और उसकी मां के दबाव में वह लोहागढ़ गई थी।
सीएम फडणवीस का एक्शन: उज्ज्वल निकम लड़ेंगे केस
इस क्रूर हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी।
सीएम फडणवीस ने चिंता जताते हुए कहा, “यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। हमें सोचना होगा कि अच्छे और शिक्षित परिवारों के युवाओं में ऐसी आपराधिक मानसिकता और प्रतिशोध की भावना क्यों पनप रही है?”




