जल गंगा संवर्धन अभियान: कम बारिश के अनुमान के बीच MP में जारी रहेगा जल संरक्षण, CM मोहन यादव का बड़ा एलान
Jal Ganga Samvardhan Abhiyan: मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर ₹252 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। भैंसवा माता लोक के लिए ₹20 करोड़ का एलान।

भोपाल/राजगढ़: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल और प्रकृति के अंतर्संबंध को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अलनीनो के प्रभाव के कारण इस साल कम बारिश का अनुमान है, जिसे देखते हुए प्रदेश में अमृत सरोवर, रैन वॉटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण जैसे कार्य निरंतर जारी रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को ₹252.65 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी।
₹10,514 करोड़ की लागत से हुए 3.63 लाख कार्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में बीते 3 वर्षों से जनसहयोग के माध्यम से जल संरक्षण का वृहद अभियान चलाया जा रहा है।
- 100 दिनों का ऐतिहासिक अभियान: गत 19 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत प्रदेश में ₹10,514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हजार जल संवर्धन के कार्य कराए गए हैं।
- राजगढ़ देश के सर्वश्रेष्ठ जिलों में: भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में चिह्नित छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ ने भी अपनी जगह बनाई है।
- “हमारी सनातन संस्कृति में पंच तत्वों, विशेष रूप से जल का विशेष महत्व है। हमारा प्रयास है कि आगामी सिंहस्थ उज्जैन में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को क्षिप्रा नदी के स्वच्छ और पावन जल में सहजता से स्नान करने का अवसर मिले।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
किसानों और लाडली बहनों की समृद्धि हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों का रकबा बढ़ा है। सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2,625 कर दिया है। इसके साथ ही सवा करोड़ से अधिक महिलाओं को ‘लाडली बहना योजना’ और किसानों को ‘किसान सम्मान निधि’ का लाभ निरंतर दिया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है।
₹21.38 करोड़ से अधिक के हितलाभ वितरित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को वित्तीय सहायता राशि के चेक सौंपे:
- आजीविका मिशन: 405 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल ₹20 करोड़ का बैंक ऋण वितरित किया गया।
- कामधेनु योजना: पशुपालन विभाग की इस योजना के तहत मंगलेश पाटीदार को ₹36 लाख और विमल यादव को ₹35.70 लाख के हितलाभ दिए गए।
- खाद्य उद्यम और अन्य योजनाएं: पार्वती एंटरप्राइजेस को ₹22.50 लाख और अयोध्या ऑयल मिल को ₹27.37 लाख की सहायता राशि दी गई। पीएम स्वनिधि और पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को भी सहायता राशि और गृह प्रवेश के आवंटन पत्र सौंपे गए।
सारंगपुर क्षेत्र के विकास के लिए प्रमुख घोषणाएं
- भैंसवा माता लोक: भैंसवा माता लोक के भव्य विकास, निर्माण और सौंदर्गीकरण के लिए ₹20 करोड़ की स्वीकृति।
- रेडेंसिफिकेशन योजना: सारंगपुर नगर के जीर्ण-शीर्ण शासकीय भवनों और आवासों का पुनर्निर्माण।
- धार्मिक स्थलों का विकास: शासन संधारित अंबे माता मंदिर का जीर्णोद्धार।
- आवासीय योजना: नवीन स्वीकृत फोर लेन मार्ग पर हाउसिंग बोर्ड द्वारा नई आवासीय कॉलोनी का विकास।
- सड़क और ब्रिज निर्माण: पचोर-सारंगपुर क्षेत्र में नई सड़कों का निर्माण और उतावली नदी पर नए ब्रिज का निर्माण।
सिंहस्थ 2028 और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। उन्होंने भैंसवा माता मंदिर में विधि-विधान से पूजा की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बेलपत्र का पौधा रोपा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने भी जल की एक-एक बूंद को संचित कर भावी पीढ़ी को सुरक्षित करने की बात कही।




