राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा! सस्पेंस खत्म, कोषाध्यक्ष ने की पुष्टि
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर सस्पेंस खत्म हो गया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को लेकर पिछले 24 घंटे से चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण के बीच आ रही बड़ी खबर के मुताबिक, महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस पूरे मामले पर ट्रस्ट का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसमें ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने दोनों के इस्तीफे की पुष्टि कर दी है।
पूरे दिन चला दावों और अफवाहों का दौर
शुक्रवार को दिनभर चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरें सोशल मीडिया, टेलीविजन चैनलों और आम जनमानस के बीच सुर्खियों में बनी रहीं। हालांकि, देर शाम तक ट्रस्ट के किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। इस दौरान चंपत राय से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
इसके उलट, कारसेवकपुरम स्थित चंपत राय के आवास ‘भरत कुटी’ पर तैनात सेवादारों और सहयोगियों ने शुक्रवार को इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया था। सेवादार सुबोध मिश्रा और शिवदास सिंह ने कल दावा किया था कि चंपत राय पूरे दिन अपने कक्ष से बाहर ही नहीं निकले, तो इस्तीफा देने कौन जाएगा?
ट्रस्ट के भीतर भी था विरोधाभास
इस मामले में ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने भी मीडिया पर चुटकी लेते हुए कहा था, “प्रचार माध्यमों को देखकर अब तो ऐसा लगता है कि लोग इस्तीफा लेकर ही मानेंगे।” वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी कल तक इस खबर पर मुहर नहीं लगाई थी।
लेकिन, शनिवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी के सामने आए बयान ने कल तक किए जा रहे सभी दावों को खारिज करते हुए यह साफ कर दिया है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा अब अपने पदों पर नहीं हैं।



