भोपाल टेरर मॉड्यूल में ATS का बड़ा खुलासा: लादेन और जवाहरी के वीडियो से युवाओं का ब्रेनवाश करता था नईम
भोपाल से गिरफ्तार संदिग्ध फराज से पूछताछ में MP ATS का बड़ा खुलासा। पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर लादेन और जवाहरी के वीडियो से युवाओं का ब्रेनवाश कर रहा था सहारनपुर का नईम।
भोपाल. मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) की गिरफ्त में आए संदिग्ध आतंकी मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एटीएस की जांच में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला नईम अब्दुल्ला वर्ष 2025 में भोपाल आया था और फराज के ठिकाने पर रुका था। इससे पहले वह इज्तिमा (धार्मिक सम्मेलन) के बहाने भी भोपाल आ चुका था। पूछताछ में फराज ने कुबूल किया कि नईम उसे और अन्य युवाओं को अलकायदा के खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन और अयमान अल-जवाहरी के नफरती वीडियो दिखाकर देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाता और उनका ब्रेनवाश करता था।
चार राज्यों में फैला था नेटवर्क, पाकिस्तानी हैंडलर चला रहा था चाल
एटीएस की अब तक की कार्रवाई में इस टेरर मॉड्यूल का जाल देश के चार राज्यों में सामने आया है। मध्य प्रदेश एटीएस ने इस सिलसिले में भोपाल से फराज, यूपी के सहारनपुर से नईम अब्दुल्ला, राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव और बिहार के मधुबनी से इजहार उल हक को दबोचा है। शुरुआती जांच और पहले दौर की पूछताछ के बाद इन सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए संदिग्धों के पास से कई हिंसक और प्रतिबंधित वीडियो भी बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल वे नए लड़कों को संगठन से जोड़ने के लिए करते थे।
‘इजहार’ था सबसे करीबी, सोशल मीडिया के जरिए बने मददगार
जांच में यह भी साफ हुआ है कि ये सभी आरोपी सीमा पार बैठे एक ही पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क में बिहार का इजहार उल हक उस पाकिस्तानी हैंडलर का सबसे करीबी और पुराना मोहरा था, जो साल 2020 से ही उसके सीधे संपर्क में था। हालांकि, इजहार ने बाकी के तीन आरोपियों को खुद नहीं जोड़ा था; बल्कि पाकिस्तानी हैंडलर ने इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स) पर सीक्रेट ग्रुप बनाकर इन सबको एक-दूसरे से कनेक्ट किया था। एटीएस अब इन डिजिटल ग्रुप्स और उनके चैट बैकअप को खंगालने में जुटी है।




