मध्य प्रदेश

अनूपपुर में हाथियों का आतंक: दो गुटों में बंटा गजराज का कुनबा; भोलगढ़ और धनगवां के जंगलों में अलर्ट जारी!

अनूपपुर में छत्तीसगढ़ से लौटे 4 हाथियों का दल दो हिस्सों में बंट गया है। तीन हाथी भोलगढ़ और एक नर हाथी धनगवां जंगल में डटा है। 6 लोगों की जान ले चुके इस दल से वन विभाग अलर्ट पर है।

अनूपपुर. मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा से लौटे चार हाथियों के दल ने वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पांच दिन पहले जिले की सीमा में प्रवेश करने वाला यह हाथियों का समूह अब दो हिस्सों में बंट गया है। इनमें से तीन हाथियों का झुंड अनूपपुर वन परिक्षेत्र के भोलगढ़ बीट अंतर्गत खुरियारी जंगल में डेरा जमाए हुए है, जबकि एक अकेला आक्रामक नर हाथी जैतहरी क्षेत्र के धनगवां जंगल में अकेला विचरण कर रहा है। हाथियों के इस मूवमेंट के बाद वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

रेलवे लाइन पार कर भोलगढ़ पहुंचा हाथियों का झुंड 

वन परिक्षेत्राधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह के मुताबिक, हाथियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। रविवार को तीन हाथियों के समूह ने सोनमौहरी बीट के बांस प्लांटेशन क्षेत्र में वक्त बिताया। इसके बाद शाम होते ही इन हाथियों ने खिरना नदी को पार किया और अनूपपुर-बिलासपुर व अनूपपुर-चिरमिरी रेलवे लाइन को पार करते हुए भोलगढ़ क्षेत्र के खुरियारी जंगल में दाखिल हो गए। वहीं, दूसरी ओर एक बड़ा नर हाथी जैतहरी के गोबरी बीट से होते हुए देर रात धनगवां जंगल की तरफ बढ़ गया है।

भोलगढ़ में पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला 

वन विभाग इस बार हाथियों को लेकर बेहद गंभीर और सतर्क है। इसकी मुख्य वजह इसी साल अप्रैल के महीने में भोलगढ़ गांव के जंगल में हुई एक दर्दनाक घटना है। तब एक आक्रामक नर हाथी ने एक महिला को कुचलकर मार डाला था, जबकि उसके पति और गोद में मौजूद मासूम बच्चे को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस पुरानी घटना के कारण ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है।

37 दिन बाद छत्तीसगढ़ से वापसी, 6 लोगों की ले चुके हैं जान 

वन विभाग की चेतावनी: चार हाथियों का यह कुख्यात दल करीब 37 दिनों तक छत्तीसगढ़ में रहने के बाद अनूपपुर लौटा है। इससे पहले यह दल करीब 5 महीने तक इसी जिले के अलग-अलग जंगलों में घूम रहा था और उस दौरान हाथियों के हमलों में 6 लोगों की मौत हो चुकी थी।

प्रशासन की तैयारी:

  • लगातार गश्त: दोनों प्रभावित क्षेत्रों में भारी संख्या में वन अमला तैनात किया गया है।
  • मुनादी और हिदायत: हाथियों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों और आस-पास के गांवों में ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने और सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी जनहानि या नुकसान की खबर नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button