अंतरराष्ट्रीय

गुनाह कबूलने के बाद निखिल गुप्ता की सजा पर जल्द फैसला, US ने रखी कड़ी मांग

पन्नू मर्डर प्लॉट केस में बड़ा खुलासा, भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप कबूले। 21-24 साल की सजा की सिफारिश, RAW के पूर्व अधिकारी का नाम भी सामने आया।

न्यूयॉर्क. खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्य आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता (54) ने अमेरिकी अदालत में अपने खिलाफ लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है। जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पण के बाद से वह खुद को निर्दोष बताते रहे थे, लेकिन अब उन्होंने मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के समक्ष तीन गंभीर आरोपों में दोष कबूल कर लिया।

किन-किन आरोपों में कबूल किया जुर्म

निखिल गुप्ता ने जिन आरोपों को स्वीकार किया, उनमें शामिल हैं—

  • सुपारी देकर हत्या कराने की साजिश
  • हत्या की साजिश रचना
  • मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश
  • कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अभियोजन पक्ष के पास मौजूद मजबूत इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

वायरटैप और इलेक्ट्रॉनिक सबूत बने अहम

30 मार्च से शुरू होने वाले ट्रायल में इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन और वायरटैप रिकॉर्डिंग पेश की जानी थी। इन रिकॉर्डिंग्स में कथित तौर पर गुप्ता को 1 लाख डॉलर की सुपारी के लिए एक हिटमैन से बातचीत करते हुए सुना गया था।

अब कितनी हो सकती है सजा

दोष स्वीकार करने के बाद गुप्ता हाई-प्रोफाइल ट्रायल से बच गए हैं, जहां उन्हें अधिकतम 40 साल की सजा हो सकती थी।
अमेरिकी सरकार ने उनके लिए 21 से 24 साल की जेल की सिफारिश की है। सीनियर जिला जज विक्टर मरेरो आने वाले महीनों में सजा पर अंतिम फैसला सुनाएंगे।

RAW के पूर्व अधिकारी का नाम भी आया सामने

इस मामले में भारत की खुफिया एजेंसी RAW के पूर्व अधिकारी विकास यादव का नाम भी सामने आया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि उन्होंने ही कथित तौर पर गुप्ता को पन्नू की हत्या के लिए भर्ती किया था। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि—

  • विकास यादव अब सरकारी सेवा में नहीं हैं
  • इस मामले में सरकार की कोई भूमिका नहीं है
  • उनके खिलाफ अमेरिकी संघीय वारंट जारी है, लेकिन वे फिलहाल भारत में हैं।

कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू

  • गुरपतवंत सिंह पन्नू अमेरिका स्थित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का जनरल काउंसल है।
  • भारत में उसके खिलाफ NIA ने आतंकवाद से जुड़े कई मामले दर्ज किए हैं।
  • वह खालिस्तान जनमत संग्रह, एयर इंडिया के बहिष्कार और भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहा है।

INE Desk

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