अंतरराष्ट्रीय

PAK से अमेरिका की नजदीकियों पर व्हाइट हाउस ने दिया खास संदेश: रिश्तों में बदलाव मुश्किल

वाशिंगटन

पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर की अमेरिकी यात्रा इस समय चर्चा में है. बीते दो महीने में यह अमेरिका का उनका दूसरा दौरा रहा. इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष था और दोनों देशों के बीच की स्थिति और भयावह हो सकती थी. इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका ने तत्काल कदम उठाए. 

ब्रूस ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई में चार दिनों तक चले सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका ने सक्रिय भूमिका निभाई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन कॉल कर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए दोनों देशों को शांत करने और इन हमलों को रोकने में मदद की.

उन्होंने इसे अमेरिका के लिए गर्व का पल बताया क्योंकि अमेरिकी नेतृत्व के तह एक संभावित विनाशकारी स्थिति को टाल दिया.  ब्रूस ने कहा कि इन प्रयासों से दोनों पक्षों को एक साथ लाया गया और एक स्थायी समाधान की दिशा में काम किया गया.

ब्रूस ने कहा कि अमेरिका के भारत और पाकिस्तान के साथ संबंधों को बदला नहीं जा सकता. दोनों देशों के साथ अमेरिका की कूटनीतिक प्रतिबद्धता बरकरार है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि यह क्षेत्र और विश्व के लिए फायदेमंद हैं. हम अपने रिश्तों को नहीं बदल सकते.

टैमी ब्रूस ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर क्या-क्या कहा?

विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि मैं उस समय विदेश विभाग में ही था. भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष जब चरम पर पहुंच गया तो राष्ट्रपति से लेकर उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री चिंतित थे और इसे सुलझाने में लग गए. हमारी पूरी कोशिश थी कि इस स्थिति को सामान्य किया जाए और हमलों को रोका जाए. 

उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगी कि हमारे रिश्ते दोनों देशों के साथ अच्छे हैं और ऐसे राष्ट्रपति के होने से फायदा है, जो सबकुछ जानता हो, हर किसी से बात करता हो और इसी वजह से हम स्थिति को संभाल पाएं.

बता दें कि 12 अगस्त को इस्लामाबाद में अमेरिका-पाकिस्तान आतंकवाद-रोधी वार्ता आयोजित की गई. इस वार्ता में दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से निपटने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया.

आसिम मुनीर की अमेरिका यात्राएं चर्चा में क्यों?

आसिम मुनीर दो महीने में दूसरी बार अमेरिका गए. इससे पहले जून 2025 में उनकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ निजी भोज पर मुलाकात हुई थी. वहीं, हाल ही में मुनीर ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल माइकल कुरिला की विदाई समारोह में भाग लिया और नए कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर को बधाई दी. कुरिला ने पाकिस्तान को आतंकवाद रोधी प्रयासों में शानदार साझेदार बताया था.

टैमी ब्रूस का यह बयान तब सामने आया, जब फ्लोरिडा में आसिम मुनीर ने कथित तौर पर कहा था कि अगर पाकिस्तान को अस्तित्व का खतरा हुआ तो वह भारत और आधे विश्व को नष्ट करने के लिए परमाणु हथियारों का उपयोग कर सकता है. 

INE Desk

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