केतन हत्याकांड में नया मोड़! कथित सुपारी प्लान फेल, फिर बनाया लोहागढ़ किले का खौफनाक प्लान
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नए दावे सामने आए हैं। कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या की योजना बनाई गई, लेकिन इनकार के बाद लोहागढ़ किले में वारदात को अंजाम देने का आरोप है। जांच एजेंसियां इंटरनेट हिस्ट्री, सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।
पुणे. पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लगातार नए दावे सामने आ रहे हैं। मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी की न्यायिक हिरासत 29 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। इस बीच जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि दोनों ने कथित तौर पर हत्या को अंजाम देने के लिए पहले एक कॉन्ट्रैक्ट किलर की मदद लेने की योजना बनाई थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
होटल मुलाकात और सीसीटीवी पर जांच का फोकस
मामले से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि एक कथित कॉन्ट्रैक्ट किलर को पुणे के एक होटल में बुलाया गया था। पुलिस कथित तौर पर होटल की सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इस मामले से जुड़ा व्यक्ति आगे चलकर जांच में अहम गवाह साबित हो सकता है।
कथित इनकार के बाद बदली गई योजना
जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, कथित कॉन्ट्रैक्ट किलर ने केतन अग्रवाल का नाम सामने आने के बाद इस काम को करने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने नई योजना बनाई और 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले की चट्टान से धक्का देकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस इस कथित साजिश के हर पहलू की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
इंटरनेट हिस्ट्री में मिले वीडियो लिंक
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले दोनों आरोपी इंटरनेट पर ऐसे वीडियो देख रहे थे जिनमें पूछताछ के दौरान शांत रहने, मानसिक नियंत्रण बनाए रखने और जवाब देने के तरीकों से जुड़ी सामग्री मौजूद थी। पुलिस ने कथित तौर पर आरोपियों की इंटरनेट हिस्ट्री से ऐसे वीडियो के लिंक मिलने का दावा किया है और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच जारी है।
परिवार ने त्वरित सुनवाई की मांग की
मृतक केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने मामले की जल्द सुनवाई और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए और इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों के निजी जीवन से जुड़ी कुछ खबरों की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी और इसकी जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली।
18 जून की घटना बनी जांच का केंद्र
पुलिस के अनुसार, इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था और दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल लोहागढ़ किले पर 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का देकर उनकी हत्या की गई। अब जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।




