NEET में बेटियों का कमाल! मुफ्त कोचिंग से 18 छात्राओं ने रचा सफलता का नया इतिहास
उत्तर प्रदेश के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की निःशुल्क आवासीय कोचिंग से 18 छात्राओं ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल की। आधुनिक शिक्षा, डिजिटल सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का यह मॉडल नई उपलब्धि बनकर सामने आया।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों का मॉडल लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है। समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित इन विद्यालयों में स्कूली शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक, भारतीय संस्कार और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जा रही है। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के बौद्धिक, शारीरिक और नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मिर्जापुर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की 18 छात्राओं ने हासिल की सफलता
मिर्जापुर के मड़िहान स्थित सर्वोदय बालिका विद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने इस वर्ष उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। यहां नीट की निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्राप्त करने वाली 34 छात्राओं में से 31 ने परीक्षा दी, जिनमें 18 छात्राओं ने सफलता हासिल की। यह परिणाम ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। सफल छात्राओं में पूजा रंजन, श्वेता पाल, खुशबू, लक्ष्मी रावत, मालती, अंकिता, अनीता, मनीषा, प्रेमलता, अंकिता कुमारी, कोमल, सपना, अंशिका, प्रियंका, फूल कुमारी, अनुराधा, खुशी और आंचल शामिल हैं।
आरक्षण व्यवस्था से वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को अवसर
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश के लिए उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना और परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होना आवश्यक है। प्रवेश प्रक्रिया में 60 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग और 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है।
103 विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ पढ़ाई
प्रदेश में वर्तमान समय में 103 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं, जहां कक्षा 6 से 12 तक विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा दी जा रही है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब, योग, नैतिक शिक्षा, खेल गतिविधियों के साथ जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी भी कराई जाती है। इसके अलावा मथुरा, गोंडा, बलिया और कानपुर देहात समेत विभिन्न जिलों में 20 नए सर्वोदय विद्यालयों का निर्माण भी जारी है।
प्रतिभा को मिल रहा नई उड़ान का मंच
सर्वोदय विद्यालयों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह मॉडल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बेहतर अवसर देने के साथ उन्हें उच्च शिक्षा और पेशेवर करियर की दिशा में आगे बढ़ाने का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है।




