दतिया उपचुनाव में बीजेपी का माइक्रो मैनेजमेंट, 5-5 बूथों पर उतारे पूर्व मंत्री और दिग्गज नेता
दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट की रणनीति बनाई है। पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेताओं को शक्ति केंद्रों की जिम्मेदारी देकर चुनावी अभियान तेज करने की तैयारी की गई है।

दतिया. दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। विधानसभा के मानसून सत्र के समापन के बाद संगठन और सरकार पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में उतरने की तैयारी में हैं। पार्टी ने अलग-अलग समाजों में प्रभाव रखने वाले मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को संबंधित वर्गों के बीच प्रचार की जिम्मेदारी देने का फैसला किया है, ताकि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जा सके और मतदाताओं तक सीधा संपर्क बनाया जा सके।
जातीय समीकरण पर खास फोकस
दतिया विधानसभा सीट पर अनुसूचित जाति, ब्राह्मण और काछी-कुशवाह समाज को निर्णायक माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अलग-अलग वर्गों के बीच प्रभाव रखने वाले नेताओं की ड्यूटी तय की है। ब्राह्मण मतदाताओं तक पहुंच मजबूत करने के लिए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और मंत्री राकेश शुक्ल समेत कई वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय भूमिका दी गई है। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग में जनसंपर्क बढ़ाने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री तुलसी सिलावट और दिलीप अहिरवार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। काछी-कुशवाह समाज के बीच प्रचार अभियान को मजबूत करने के लिए मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और चुनाव प्रभारी भरत सिंह कुशवाह की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
5-5 बूथों की जिम्मेदारी संभालेंगे वरिष्ठ नेता
बीजेपी ने चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट के तहत पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और अनुभवी संगठन पदाधिकारियों को शक्ति केंद्रों की जिम्मेदारी दी है। प्रत्येक शक्ति केंद्र में एक प्रभारी और एक संगठक नियुक्त किया गया है, जिनके अधीन औसतन चार से छह बूथ रहेंगे। इन नेताओं की जिम्मेदारी बूथ संचालन, कार्यकर्ता समन्वय, मतदाता संपर्क और मतदान दिवस की तैयारियों को प्रभावी बनाना होगी। इस मॉडल के जरिए पार्टी बूथ स्तर पर संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
मंडलवार जिम्मेदारियां तय, संगठन करेगा सीधा समन्वय
जिला भाजपा ने दतिया नगर, दतिया ग्रामीण, बड़ौनी, बसई, उदगुवां, सीतापुर, भांडेर, इंदरगढ़ और सेंवढ़ा समेत विभिन्न मंडलों के शक्ति केंद्रों के लिए प्रभारी और संगठकों की सूची जारी कर दी है। कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और वरिष्ठ पदाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है। पार्टी का लक्ष्य हर शक्ति केंद्र पर सक्रिय चुनावी प्रबंधन और प्रभावी मतदाता संपर्क सुनिश्चित करना है।
दतिया उपचुनाव में मुकाबला दिलचस्प
दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया है। चुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुसूचित जाति, ब्राह्मण, काछी-कुशवाह, यादव और अन्य प्रभावशाली सामाजिक वर्ग इस चुनाव के नतीजे तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।




