ट्रम्प का बड़ा दावा, 2020 अमेरिकी चुनाव में चीन की दखलअंदाजी का लगाया आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में चीन पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया। चीन ने आरोपों को खारिज किया, जबकि विपक्ष और पूर्व खुफिया आकलनों ने भी ट्रम्प के दावों पर सवाल उठाए।

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वर्ष 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि चीन ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया और अमेरिकी मतदान प्रणाली में कई गंभीर कमजोरियां मौजूद थीं। हालांकि अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। उल्लेखनीय है कि 2020 के चुनाव में ट्रम्प को जो बाइडेन से हार का सामना करना पड़ा था।
गोपनीय दस्तावेजों का किया उल्लेख
करीब आधे घंटे के संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने सैकड़ों गोपनीय खुफिया दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं, जिनसे उनके आरोपों को बल मिलता है। उनका दावा था कि चीन ने चुनाव का रुख बदलने की कोशिश की और कई राज्यों के मतदाता डेटा तक पहुंच बनाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 18 राज्यों में मतदाता संबंधी सूचनाओं को खरीदा गया, चुराया गया या साइबर हमलों के जरिए हासिल किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में मिली चेतावनियों को समय रहते संबंधित संस्थाओं के सामने नहीं रखा गया।
चीन ने आरोपों को बताया निराधार
ट्रम्प के आरोपों पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। चीनी विदेश मंत्रालय ने सभी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें मनगढ़ंत और आधारहीन बताया। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे आरोप पहले भी लगाए जा चुके हैं और उन्हें पहले ही निराधार माना जा चुका है। ट्रम्प के संबोधन के दौरान पत्रकारों के सवालों के लिए कोई अवसर नहीं दिया गया।
विपक्ष और खुफिया आकलनों से अलग दावे
ट्रम्प के बयान के बाद विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने आरोप लगाया कि वह आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रिया पर संदेह पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सर्वोच्च प्राथमिकता है। दूसरी ओर, पहले जारी अमेरिकी खुफिया आकलनों में यह निष्कर्ष सामने आ चुका है कि चीन ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के उद्देश्य से कोई हस्तक्षेप नहीं किया था।
मतदान प्रणाली पर भी उठाए सवाल
अपने संबोधन में ट्रम्प ने अमेरिकी वोटिंग मशीनों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रणाली रूस, चीन और ईरान जैसे विदेशी देशों के संभावित साइबर हस्तक्षेप के प्रति संवेदनशील है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हालिया जनमत सर्वेक्षणों में उनकी लोकप्रियता में गिरावट के संकेत मिले हैं। ऐसे में चुनावी सुरक्षा और विदेशी दखलअंदाजी को लेकर अमेरिका की राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है।




