Lalu Yadav Bail: SC ने CBI की याचिका खारिज की, हाई कोर्ट से सुनवाई तेज करने को कहा
चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की जमानत बरकरार रखते हुए उसे रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने झारखंड हाई कोर्ट से लंबित अपीलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करने का प्रयास करने को कहा।
पटना. चारा घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने झारखंड हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जमानत रद्द करने की मांग स्वीकार नहीं की। इसके साथ ही अदालत ने लंबित अपीलों की सुनवाई में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
हाई कोर्ट से छह महीने में सुनवाई पूरी करने का आग्रह
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने कहा कि फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई आधार नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि वर्ष 2018 से लंबित अपीलों का जल्द निपटारा होना चाहिए और झारखंड हाई कोर्ट से अनुरोध किया कि वह संभव हो तो छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का प्रयास करे। साथ ही पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े कानूनी प्रश्न भविष्य के लिए खुले रहेंगे।
CBI ने जमानत के आधार पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान CBI की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने दलील दी कि हाई कोर्ट ने सजा की अवधि का आकलन करते समय त्रुटि की थी। उनका कहना था कि जमानत इस आधार पर दी गई कि दोषी सजा का 50 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर चुके हैं, जबकि अलग-अलग सजाओं की गणना को सही तरीके से नहीं देखा गया। CBI ने यह भी तर्क रखा कि मामले में अपनाया गया कानूनी पैमाना उचित नहीं था और सुनवाई में देरी भी हुई।
बचाव पक्ष ने फैसले को बताया न्यायिक विवेक
लालू प्रसाद यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में कहा कि जमानत देना न्यायालय के विवेकाधिकार का हिस्सा है। उन्होंने दलील दी कि हाई कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया था। बचाव पक्ष का कहना था कि इस आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
2019 में मिली थी जमानत
चारा घोटाला मामले में दोषसिद्धि के बाद लालू प्रसाद यादव ने सजा की आधी अवधि पूरी कर ली थी। इसके आधार पर झारखंड हाई कोर्ट ने वर्ष 2019 में उन्हें जमानत प्रदान की थी। इसी आदेश को चुनौती देते हुए CBI सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। अब शीर्ष अदालत के ताजा फैसले के बाद लालू यादव की जमानत बरकरार रहेगी, जबकि मामले से जुड़ी अपीलों पर अंतिम निर्णय हाई कोर्ट की सुनवाई के बाद होगा।




