छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र आज से, 9 संशोधन विधेयकों के साथ हंगामेदार शुरुआत के संकेत
छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 13 से 17 जुलाई तक चलेगा। सरकार 9 संशोधन विधेयक पेश करेगी, जबकि विपक्ष किसानों, नकटी गांव और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान सदन की कुल पांच बैठकें प्रस्तावित हैं। सरकार विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नौ संशोधन विधेयक सदन में पेश करेगी, जबकि कई राजनीतिक और जनहित के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में
सत्र के पहले दिन से ही राजनीतिक माहौल गर्म रहने के संकेत हैं। कांग्रेस ने नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। इसके अलावा किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
1033 प्रश्नों के जरिए होगी जवाबदेही
इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। खास बात यह है कि सवाल केवल विपक्ष की ओर से ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के कई विधायक भी अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी में हैं।
श्रद्धांजलि से होगी कार्यवाही की शुरुआत
सत्र के पहले दिन की शुरुआत प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित कर की जाएगी। शुरुआती चार दिनों में प्रश्नकाल और सरकारी कार्यों पर चर्चा होगी, जबकि अंतिम दिन गैर-शासकीय कार्यों के लिए निर्धारित रहेगा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण में लापरवाही और जांजगीर में परिवार नियोजन प्रोत्साहन योजना में कथित अनियमितताओं जैसे विषय भी सदन में उठ सकते हैं।
इन संशोधन विधेयकों पर रहेगी नजर
मानसून सत्र में सरकार बस्तर फाइटर्स सेवा नियम, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना एवं संचालन, वैट और जीएसटी संशोधन, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, नवा रायपुर वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना, जल प्रदूषण नियंत्रण कानून के अंगीकरण तथा भाड़ा नियंत्रण अधिनियम सहित कुल नौ महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश करेगी। इन प्रस्तावों पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है और कई विधेयकों पर विपक्ष सरकार से स्पष्टीकरण भी मांग सकता है।




