छत्तीसगढ़

100 किमी दूर जंगलों के बीच बसे गांव में पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं, 129 घरों तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल

जशपुर के दूरस्थ ग्राम बिरहीपानी में जल जीवन मिशन के तहत 129 घरों तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचा। पाइप जल योजना से पेयजल संकट दूर हुआ और ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आया।

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार जल जीवन मिशन के माध्यम से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार लगातार कर रही है। इसी अभियान के तहत जशपुर जिले के जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित सीमांत ग्राम बिरहीपानी में अब प्रत्येक परिवार तक नल के जरिए स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गांव के सभी 129 घरों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) से जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान हुआ है।

पारंपरिक जल स्रोतों पर थी निर्भरता

घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बिरहीपानी लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा। ग्रामीण अपनी दैनिक जरूरतों के लिए हैंडपंप, कुएं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर थे। गर्मी के मौसम में जलस्तर घटने से पेयजल संकट गहरा जाता था और महिलाओं व बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। असुरक्षित जल के उपयोग के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता था।

पाइप जल योजना से बदली गांव की तस्वीर

जल जीवन मिशन के तहत गांव में संगठित पाइप जल प्रदाय प्रणाली विकसित की गई। योजना के अंतर्गत चार उच्च स्तरीय जलागारों का निर्माण किया गया और पूरे गांव में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया। इसके माध्यम से सभी 129 परिवारों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को घर पर ही स्वच्छ पानी मिलने लगा है।

महिलाओं की बची मेहनत, स्वास्थ्य और शिक्षा को मिला लाभ

घर-घर नल से पानी पहुंचने के बाद महिलाओं और बच्चों को पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम काफी कम हुआ है। अब महिलाएं परिवार, बच्चों की शिक्षा और आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए अधिक समय दे पा रही हैं। वहीं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आई है और बच्चों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति में भी सुधार देखने को मिला है।

जनभागीदारी से सुनिश्चित होगा योजनाओं का संचालन

योजना के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव के लिए गांव में जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है, जिससे योजना की निरंतरता और प्रभावशीलता बनाए रखने में मदद मिल रही है।

ग्रामीणों ने जताया संतोष

गांव के लोगों ने कहा कि नल से नियमित पेयजल मिलने से उनका जीवन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हुआ है। बिरहीपानी का यह बदलाव दर्शाता है कि प्रभावी योजना, स्थानीय सहभागिता और बेहतर क्रियान्वयन के जरिए दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं सफलतापूर्वक पहुंचाई जा सकती हैं।

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