मध्यप्रदेश में संविदा कर्मचारियों के लिए नई राहत, ग्रेच्युटी और आश्रितों को मिलेगा आर्थिक सहारा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश ने संविदा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाया। पात्र कर्मचारियों और निधन की स्थिति में आश्रितों को ग्रेच्युटी सहित कई वैधानिक लाभ उपलब्ध होंगे।
भोपाल. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मध्यप्रदेश ने संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र संविदा कर्मचारियों को सेवा पूर्ण होने पर उपादान (ग्रेच्युटी) का लाभ मिलेगा। यदि किसी कर्मचारी का सेवा अवधि के दौरान निधन हो जाता है, तो उनके पात्र आश्रितों को भी यह राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
पहली बार आश्रित को मिला मृत्यु उपरांत उपादान
मिशन के तहत 8 जुलाई को पहली बार एक दिवंगत संविदा कर्मचारी के आश्रित को मृत्यु उपरांत उपादान राशि का भुगतान किया गया। इसे संविदा कर्मचारियों के कल्याण और उनके परिवारों की वित्तीय सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस व्यवस्था से भविष्य में पात्र परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
2025 से लागू हुई नई व्यवस्था
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुरूप 26 अगस्त 2025 से उपादान भुगतान की प्रक्रिया लागू की है। उपादान भुगतान अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अनुसार 1 सितंबर 2025 के बाद निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने वाले पात्र संविदा अधिकारी और कर्मचारी इस सुविधा के हकदार होंगे। सेवा के दौरान कर्मचारी के निधन की स्थिति में उनके पात्र आश्रितों को भी यह लाभ दिया जाएगा।
अनुग्रह राशि और अनुकम्पा नियुक्ति जैसी सुविधाएं भी जारी
एनएचएम मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारियों और उनके परिवारों को केवल ग्रेच्युटी ही नहीं, बल्कि अनुग्रह राशि, अनुकम्पा नियुक्ति और अन्य वैधानिक लाभ भी उपलब्ध करा रहा है। मिशन का उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित बनाना है। इस दिशा में विभाग लगातार कल्याणकारी कदम उठाने पर जोर दे रहा है।




