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नौकरी बदलने पर अब अपने आप ट्रांसफर होगा PF, EPFO ने आसान किया प्रोसेस

EPFO ने नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए ऑटोमैटिक PF ट्रांसफर सुविधा शुरू की है। आधार से लिंक UAN होने पर पीएफ बैलेंस और सर्विस रिकॉर्ड स्वतः नए खाते में ट्रांसफर होगा।

नई दिल्ली। नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने बड़ी सुविधा शुरू की है। अब आधार से लिंक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) वाले कर्मचारियों का प्रोविडेंट फंड (PF) नई नौकरी जॉइन करते ही स्वतः ट्रांसफर हो जाएगा। इस बदलाव से कर्मचारियों को अलग से पीएफ ट्रांसफर के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सरल हो जाएगी।

सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म से मिलेगी नई सुविधाएं

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, EPFO ने अपने सदस्य डेटा को पूरी तरह सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है। इसके बाद कई डिजिटल सेवाओं को लागू किया जा रहा है, जिनमें पीएफ क्लेम के तेज निपटारे और नौकरी बदलने पर ऑटोमैटिक पीएफ ट्रांसफर जैसी सुविधाएं प्रमुख हैं। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।

अब आवेदन की जरूरत नहीं

पहले नई नौकरी मिलने पर पुराने पीएफ खाते को नए खाते से जोड़ने के लिए कर्मचारी को ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर आवेदन करना पड़ता था। कई मामलों में पुराने और नए नियोक्ता के साथ EPFO की स्वीकृति भी आवश्यक होती थी, जिससे प्रक्रिया लंबी हो जाती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह अतिरिक्त प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।

UAN से अपने आप जुड़ेगा सर्विस रिकॉर्ड

यदि कर्मचारी का UAN आधार से सत्यापित और लिंक है, तो नई कंपनी में जॉइन करते ही उसका पीएफ बैलेंस और पूरा सर्विस रिकॉर्ड स्वतः नए पीएफ खाते में स्थानांतरित हो जाएगा। इससे नौकरी बदलने के दौरान दस्तावेजी प्रक्रिया कम होगी और कर्मचारियों को अपने खाते को मर्ज कराने के लिए अलग से प्रयास नहीं करना पड़ेगा।

UAN रहेगा वही, बढ़ेंगे फायदे

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) 12 अंकों का स्थायी पहचान नंबर होता है, जो कर्मचारी के सभी EPF खातों को एक साथ जोड़ता है। नौकरी बदलने के बाद भी यह नंबर नहीं बदलता। सभी पीएफ खातों के एकीकृत होने से कर्मचारी का पूरा फंड एक स्थान पर रहता है, जिस पर ब्याज की गणना भी समेकित राशि पर होती है। इससे कुल बैलेंस स्पष्ट दिखाई देता है और एडवांस या अंतिम निकासी की प्रक्रिया भी अधिक आसान बनती है।

निष्क्रिय खाते को लेकर भी नियम स्पष्ट

EPFO के अनुसार, यदि किसी सदस्य के खाते में रिटायरमेंट, विदेश में स्थायी रूप से बसने या सदस्य की मृत्यु के बाद लगातार 36 महीने तक कोई अंशदान जमा नहीं होता, तो उस खाते को निष्क्रिय (Inoperative) माना जाता है। कर्मचारी अपने UAN और पासवर्ड की मदद से EPFO सदस्य पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी सर्विस हिस्ट्री, नौकरी का रिकॉर्ड और पीएफ विवरण कभी भी देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

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