अमरनाथ यात्रा पर बड़ी खबर: तेजी से पिघले बाबा बर्फानी, पवित्र हिम शिवलिंग का आकार बचा सिर्फ 1 फीट
Amarnath Yatra Update: अमरनाथ यात्रा के चौथे दिन चिंता बढ़ाने वाली खबर है। पवित्र हिम शिवलिंग का आकार तेजी से पिघलकर अब केवल 1 फीट रह गया है। जानें सुरक्षा इंतजाम और यात्रा की पूरी अपडेट।
नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा के बीच एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित होने वाले बाबा बर्फानी (हिम शिवलिंग) का आकार तेजी से पिघलकर अब महज 1 फीट के आसपास रह गया है। जून के अंत में इसकी ऊंचाई करीब 7 फीट दर्ज की गई थी, जो अब घटकर काफी कम हो गई है। यह स्थिति तब है जब 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा का अभी केवल चौथा ही दिन है। हालांकि, इस खबर के बावजूद बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है और तीर्थ यात्रियों की संख्या लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है।
तेजी से पिघल रहे बाबा बर्फानी; जानिए कैसे होता है हिम शिवलिंग का निर्माण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 मई को हिम शिवलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट थी, जो 29 जून को घटकर 5 फीट पर आ गई और अब यह केवल 1 फीट बची है। विज्ञान और भूविज्ञान (Geology) की भाषा में इस प्राकृतिक संरचना को ‘स्टैलेगमाइट’ कहा जाता है।
- कैसे बनती है ये आकृति: अमरनाथ गुफा के ऊपर स्थित चूना पत्थर और जिप्सम की दरारों से ग्लेशियर का पानी रिसकर नीचे गिरता है।
- गुफा के भीतर का तापमान बेहद कम (माइनस में) होने के कारण यह पानी जमीन पर गिरते ही जमने लगता है। धीरे-धीरे ऊपर की ओर जमते हुए यह एक भव्य शिवलिंग का आकार ले लेता है।
3 दिनों में 60 हजार भक्तों ने किए दर्शन, जम्मू से रवाना हुआ नया जत्था
हिम शिवलिंग का आकार घटने के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रा के तीसरे दिन रविवार को 24 हजार से ज्यादा भक्तों ने मत्था टेका, जिसके साथ ही शुरुआती तीन दिनों में दर्शन करने वाले कुल श्रद्धालुओं का आंकड़ा 60 हजार के पार पहुंच गया है। 3 जुलाई से शुरू हुई यह यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी।
इसी बीच, सोमवार तड़के जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 5,794 तीर्थयात्रियों का पांचवां जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना हुआ। इस जत्थे में 1,211 महिलाएं, 21 बच्चे, 599 साधु और 76 साध्वियां शामिल हैं। इनमें से 3,490 यात्री पारंपरिक पहलगाम मार्ग और 2,304 यात्री छोटे लेकिन कठिन बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा की ओर बढ़ रहे हैं।
3,880 मीटर की ऊंचाई पर कठिन डगर; वैध परमिट और कड़ी सुरक्षा जरूरी
दक्षिण हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं—पहला अनंतनाग जिले से 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और दूसरा गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग।
- प्रशासन की अपील: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बिना पंजीकरण के पहुंच रहे यात्रियों को देखते हुए अपील की है कि वे अपनी तय तारीख और वैध पंजीकरण परमिट के साथ ही यात्रा पर आएं। बिना वैध परमिट के आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। दोनों रूटों को ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित किया गया है। सीसीटीवी और वॉचटावर से निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, सभी यात्रियों और गाड़ियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए आरएफआईडी (RFID) टैग और सेवा प्रदाताओं के लिए क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र अनिवार्य किए गए हैं।




