नई दिल्ली. भारत और जापान के मजबूत होते रणनीतिक संबंध अब कॉरपोरेट सेक्टर में भी नया इतिहास रच रहे हैं। डेलॉइट इंडिया की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जापान एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) इकोसिस्टम का सबसे बड़ा पार्टनर बनकर उभरा है। जापानी कंपनियां अब तक भारत में 100 से अधिक जीसीसी स्थापित कर चुकी हैं। ये सेंटर अब सिर्फ बैक-ऑफिस का काम नहीं कर रहे, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड एनालिटिक्स जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में इंजीनियरिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के ग्लोबल हब बन चुके हैं।
महानगरों के बाद अब टियर-2 शहरों की बारी
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर रोहन लोबो के मुताबिक, भारत में उपलब्ध बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग प्रतिभा, डिजिटल एक्सपर्टीज और कम लागत के चलते जापानी कंपनियां यहां तेजी से विस्तार कर रही हैं। खास बात यह है कि जीसीसी का यह अगला दौर अब सिर्फ दिल्ली-मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अहमदाबाद, जयपुर, कोयंबटूर, कोच्चि और इंदौर जैसे उभरते शहर भी नए निवेश केंद्र बन रहे हैं। रिपोर्ट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2030 तक भारत का जीसीसी सेक्टर देश की जीडीपी में 2.8 प्रतिशत का योगदान दे सकता है।




