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चार्टर्ड अकाउंटेंट वित्तीय भरोसे के संरक्षक, सीए परीक्षा के ऊंचे मानकों से न हो कोई समझौता: उपराष्ट्रपति

78वें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस पर उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने सीए को वित्तीय व्यवस्था में भरोसे का संरक्षक बताया। जानें उन्होंने सीए परीक्षा और नैतिकता पर क्या कहा।

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित 78वें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने वित्तीय पारदर्शिता और देश के आर्थिक विकास में सीए की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) देश की वित्तीय व्यवस्था में भरोसे के संरक्षक (कस्टोडियन) होते हैं, इसलिए इनके कड़े मानकों को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

नैतिकता के बिना आर्थिक वृद्धि का कोई लाभ नहीं

समारोह में नैतिक मूल्यों (एथिक्स) के महत्व पर विशेष जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यदि आर्थिक वृद्धि में नैतिकता शामिल न हो, तो उस विकास का कोई असल लाभ नहीं रह जाता। उन्होंने भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) की ईमानदारी, उत्कृष्टता, जवाबदेही और राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीए समुदाय को हमेशा इन मूल्यों को सर्वोपरि रखना चाहिए।

सीए परीक्षा के कड़े मानकों पर बोले उपराष्ट्रपति

सीए परीक्षा की कठिन प्रणाली और इसकी साख पर बात करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि परीक्षा के ऊंचे और सख्त मानकों के कारण ही इसमें सफलता दर (पासिंग पर्सेंटेज) बहुत चुनिंदा होती है, जिसे सामान्य भाषा में लोग ‘फेल होने वालों की संख्या सबसे कम’ भी कहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इन परीक्षाओं की गुणवत्ता और इसके कड़े पैमानों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में ‘कारोबार सुगमता’ (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) हमेशा देश की कानूनी रूपरेखा के दायरे में ही होनी चाहिए।

लागत कम करने के लिए मिलकर काम करें सीए और कॉस्ट अकाउंटेंट

उपराष्ट्रपति ने कंपनियों की वित्तीय सेहत को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉस्ट अकाउंटेंट को आपसी तालमेल के साथ मिलकर काम करना चाहिए, ताकि वे कंपनियों को उनकी परिचालन लागत (कॉस्ट) कम करने में प्रभावी मदद दे सकें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गुणवत्ता से समझौता करके पैसे बचाने की कोशिश करना किसी भी व्यवसाय के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।

नोट: भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (ICAI) वर्तमान में 5 लाख से अधिक सदस्यों के साथ देश में चार्टर्ड अकाउंटेंसी प्रोफेशन का संचालन और इसके छात्रों के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है।

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