‘FATF से वही डरते हैं जो जांच के दोषी हैं’… संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा तंज
India at UN: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को घेरा। कहा— FATF पर सवाल उठाना जांच के डर को दिखाता है। विवेक अग्रवाल बने एफएटीएफ के नए उपाध्यक्ष। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
संयुक्त राष्ट्र (UN). भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बार फिर आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक संस्था ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ (FATF) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाले देशों की कोशिशें असल में उनके “जांच-पड़ताल के डर” को दर्शाती हैं। भारत ने दो टूक कहा कि ऐसे देश संयुक्त राष्ट्र में राजनीतिक सक्रियता दिखाने के बजाय आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Funding) के खिलाफ सख्त और ठोस कार्रवाई करें।
जांच का सामना करें, UN में राजनीति नहीं: भारत
2026 आतंकवाद रोधी सप्ताह के दौरान आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर परोक्ष रूप से बड़ा हमला बोला:
- साक्ष्यों पर काम करता है FATF: हरीश ने कहा कि FATF वैश्विक आतंकवाद-निरोधक पहल और धन शोधन-रोधी (Anti-Money Laundering) ढांचे का एक अनिवार्य स्तंभ है। इसका कार्य पूरी तरह से तकनीकी, साक्ष्य-आधारित और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित है।
- कमियों को दूर करें संबंधित देश: जिन देशों का मूल्यांकन इस संस्था में प्रतिकूल रहा है, उन्हें अपनी कमियों को दूर करना चाहिए। वित्तीय पारदर्शिता में सुधार करना और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करना जरूरी है जिसे बदला न जा सके।
- “जो देश अपनी जमीन, संस्थानों या वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए होने देते हैं, उन्हें अस्थिरता फैलाना बंद करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।” — पर्वतनेनी हरीश, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि
सीमा-पार आतंकवाद और डिजिटल तकनीकों की चुनौती
भारतीय प्रतिनिधि ने रेखांकित किया कि भारत कई दशकों से सीमा-पार आतंकवाद का दंश झेल रहा है। आज के दौर में नई डिजिटल तकनीकें उन स्रोतों, तरीकों और माध्यमों को और अधिक जटिल बना रही हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकी संसाधनों और पैसों के लेन-देन के लिए करते हैं। ऐसे में उभरती प्रौद्योगिकियों के दौर में आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए संयुक्त वैश्विक प्रयास बेहद जरूरी हैं।
FATF में भारत का बढ़ता कद: विवेक अग्रवाल बने उपाध्यक्ष
भारत साल 2010 से ही इस प्रभावशाली वैश्विक संस्था का एक सक्रिय सदस्य रहा है। इसी महीने भारत को एक और बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है:
- उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी: केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को जुलाई 2026 से जून 2027 की अवधि के लिए FATF का नया उपाध्यक्ष (Vice President) नियुक्त किया गया है।
- पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड: बता दें कि आतंकवाद को पनाह देने के कारण पाकिस्तान साल 2018 से FATF की ‘ग्रे लिस्ट’ में शामिल था, जिसे लंबे समय बाद साल 2022 में इस सूची से हटाया गया था।




