OYO की पैरेंट कंपनी ‘प्रिज्म’ का बड़ा दांव, ₹6,650 करोड़ के IPO के लिए SEBI के पास नए दस्तावेज दाखिल
Prism OYO IPO: ओयो की पैरेंट कंपनी प्रिज्म ने ₹6,650 करोड़ के आईपीओ के लिए सेबी के पास संशोधित दस्तावेज दाखिल किए। रितेश अग्रवाल नहीं बेचेंगे हिस्सेदारी। जानें पूरा प्लान।
बिजनेस डेस्क. ओयो (OYO) ब्रांड नाम से होटल चेन का संचालन करने वाली मूल कंपनी ‘प्रिज्म’ (Prism) ने अपने प्रस्तावित आईपीओ (IPO) के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के समक्ष संशोधित मसौदा दस्तावेज (UDRHP) दाखिल कर दिए हैं। कंपनी इस आईपीओ के जरिए ₹6,650 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। खास बात यह है कि यह आईपीओ पूरी तरह से नए शेयरों (Fresh Issue) पर आधारित होगा, यानी इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई बिक्री पेशकश (OFS) नहीं की जाएगी।
रितेश अग्रवाल और सॉफ्टबैंक नहीं बेचेंगे हिस्सेदारी
आईपीओ में बिक्री पेशकश (OFS) का प्रावधान न होने से यह साफ हो गया है कि कंपनी के मौजूदा प्रमोटर्स और बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी को बरकरार रखेंगे।
- शामिल बड़े नाम: ओयो के संस्थापक रितेश अग्रवाल, सॉफ्टबैंक की एसवीएफ इंडिया होल्डिंग्स, आरए हॉस्पिटैलिटी होल्डिंग्स, माइक्रोसॉफ्ट, एयरबीएनबी, खजानाह, लाइटस्पीड, ग्रीनओक्स कैपिटल और पीक एक्सवी जैसे दिग्गज निवेशक आईपीओ के जरिए अपने शेयर नहीं बेचेंगे।
- प्री-आईपीओ प्लेसमेंट की योजना: मंगलवार को दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी ₹1,330 करोड़ का आईपीओ-पूर्व नियोजन (Pre-IPO Placement) भी ला सकती है। यदि यह सफल रहता है, तो नए शेयर जारी कर जुटाई जाने वाली मुख्य राशि को उसी अनुपात में कम कर दिया जाएगा।
कहां होगा आईपीओ से जुटने वाली रकम का इस्तेमाल?
प्रिज्म ने अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बताया है कि आईपीओ से मिलने वाले फंड का एक बड़ा हिस्सा कर्ज के बोझ को कम करने में लगाया जाएगा:
- कर्ज का भुगतान: कंपनी जुटाई गई कुल राशि में से ₹4,987.5 करोड़ का उपयोग अपने कर्ज को चुकाने या उसके अग्रिम भुगतान (Pre-payment) के लिए करेगी।
- कॉरपोरेट उद्देश्य: बची हुई शेष राशि का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कॉरपोरेट कामकाज और व्यावसायिक विस्तार के लिए किया जाएगा।
मजबूत मुनाफे और नाम बदलने के बाद आ रहा है IPO
प्रिज्म ने दिसंबर 2025 में गोपनीय मार्ग व्यवस्था (Confidential Filing) के तहत मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे, जिसे इसी महीने सेबी से मंजूरी मिली है।
बंपर वित्तीय सुधार: कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों (31 दिसंबर 2025 तक) में शानदार प्रदर्शन किया है। इस अवधि में कंपनी का परिचालन राजस्व ₹6,941 करोड़ रहा, जो पिछले पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के ₹6,259 करोड़ के कुल राजस्व से भी कहीं अधिक है।
बता दें कि ओयो का संचालन करने वाली कंपनी ‘ओरावेल स्टेज’ का नाम सितंबर 2025 में बदलकर ‘प्रिज्म’ कर दिया गया था। मौजूदा समय में प्रिज्म दुनिया के 35 से अधिक देशों में 43 अलग-अलग ब्रांड्स का संचालन करती है।




