CG के ‘गुटखा किंग’ पर GST का बड़ा एक्शन: ‘सितार’ गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर ₹317 करोड़ की टैक्स-पेनल्टी
छत्तीसगढ़ के गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर GST विभाग ने कसना शुरू किया शिकंजा, 'सितार' गुटखा कारोबार पर ₹317 करोड़ की टैक्स और पेनल्टी का आदेश।

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी (GST) विभाग ने ‘सितार’ ब्रांड नाम से गुटखे का अवैध कारोबार चलाने वाले कारोबारी के खिलाफ ₹317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का कड़ा आदेश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित राशि 90 दिनों के भीतर जमा करनी होगी, वरना कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
5 साल से चल रहा था नेटवर्क, छिंदवाड़ा से बुलाया था फॉर्मूला मेकर
जीएसटी विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि जुमनानी पिछले पांच वर्षों से पूरे प्रदेश में नेटवर्किंग के जरिए प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे का कारोबार चला रहा था। जांच के दौरान सामने आया कि ‘सितार’ गुटखा बनाने का विशेष फॉर्मूला तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक कर्मचारी को बुलाया गया था। विभाग ने बीते 5 सालों के कुल कारोबार का आकलन कर इस भारी-भरकम बकाया टैक्स और पेनल्टी की गणना की है।
कोर्ट में चालान पेश, 3 कर्मचारी बने सरकारी गवाह
मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। जांच के दौरान कारोबारी के तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह (Approver) बनाया गया है। विभाग ने इन कर्मचारियों से कानूनी एफिडेविट भी जमा कराए हैं ताकि वे भविष्य में अपने बयानों से मुकर न सकें। यदि वे मुकरते हैं, तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
12 संपत्तियां चिन्हित, 90 दिन में राशि न देने पर होगी कुर्की
विभाग ने जांच के दौरान गुरमुख जुमनानी की मालिकाना हक वाली 12 प्रमुख संपत्तियों को चिन्हित कर लिया है। यदि 90 दिनों की तय समय-सीमा के भीतर ₹317 करोड़ की राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं की जाती है, तो इन सभी चिन्हित संपत्तियों को कुर्क कर बकाया रकम की वसूली की जाएगी।
फैक्ट्रियों में पड़ा था छापा, पैकिंग और सप्लाई का हुआ था भंडाफोड़
उल्लेखनीय है कि जुलाई 2025 में जीएसटी विभाग की टीमों ने जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। जांच में पाया गया कि इन स्थानों पर गुटखे की बड़े पैमाने पर पैकिंग की जा रही थी। इसके बाद जांच टीम ने राजनांदगांव स्थित कारोबारी के बेटे सागर जुमनानी की ‘कोमल फूड फैक्ट्री’ में भी पड़ताल की थी, जहां से निर्माण और सप्लाई से जुड़े पुख्ता सबूत हाथ लगे थे।




