उत्तर प्रदेशराज्य

UP Vande Mataram Vatika: 15 अगस्त पर यूपी के सभी 75 जिलों में स्थापित होंगी ‘वंदे मातरम वाटिका’

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्वतंत्रता दिवस पर 'वंदे मातरम वाटिका' स्थापित की जाएगी। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हर जिले में 150 पौधे लगाकर पर्यावरण और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी 75 जिलों में वंदे मातरम वाटिका की स्थापना करने जा रही है। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक जनपद में 150 पौधे लगाए जाएंगे। लखनऊ के कुकरैल में अशोक चक्र के प्रारूप में पौधरोपण होगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ भावी पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संचार करेगी।

सभी 75 जिलों में स्थापित होगी ‘वंदे मातरम वाटिका’

उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संवर्धन और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की शुरुआत की जा रही है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वन विभाग स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में ‘वंदे मातरम वाटिका’ का निर्माण करेगा। यह महत्वाकांक्षी योजना प्राकृतिक संतुलन बनाने के साथ-साथ नागरिकों में देशप्रेम की भावना को सुदृढ़ करने का कार्य करेगी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्रत्येक जिले में जनसहभागिता के माध्यम से हरित क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।

प्रत्येक जिले में रोपे जाएंगे 150 फलदार और छायादार पौधे

इस विशेष हरित अभियान के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में एक विशिष्ट स्थल का चयन कर 150 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन विभाग द्वारा स्थानीय वातावरण और जलवायु के अनुकूल फलदार, छायादार तथा औषधीय गुणों से युक्त प्रजातियों के पौधों का चयन किया जा रहा है। इन वाटिकाओं को केवल पौधरोपण तक सीमित न रखकर उनके दीर्घकालिक संरक्षण और देखभाल के लिए स्थानीय स्तर पर उत्तरदायित्व भी तय किए जाएंगे, जिससे ये क्षेत्र भविष्य में स्थायी हरित धरोहर के रूप में पहचान बना सकें।

लखनऊ के कुकरैल में अशोक चक्र के प्रारूप में अनोखा पौधरोपण

राजधानी लखनऊ के कुकरैल पिकनिक स्पॉट में इस योजना को एक भव्य और कलात्मक रूप दिया जा रहा है। अवध वन प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार, यहाँ निर्मित अशोक चक्र की 24 तीलियों के बाहरी क्षेत्र में कतारबद्ध तरीके से अशोक के वृक्ष लगाए जाएंगे। इस परिसर की सुरक्षा के लिए चारों ओर सुरक्षा जाली (फेंसिंग) लगाई जाएगी। इस पौधरोपण कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा के सेवारत व सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ-साथ समाज के विभिन्न गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया है।

जनसहभागिता से भावी पीढ़ी को मिलेगा प्रकृति और राष्ट्रप्रेम का संदेश

सामाजिक वानिकी विभाग के अनुसार यह अभियान समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा। पौधरोपण की इस पावन प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों, स्कूली विद्यार्थियों, एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों और महिला मंगल दलों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रोपे जाने वाले ये पौधे आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति उनके कर्तव्यों, सामुदायिक सहभागिता और राष्ट्रभक्ति के उच्च आदर्शों के प्रति निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button