मध्य प्रदेश

भोपाल-इंदौर-उज्जैन का बदलेगा नक्शा: 4-लेन कनेक्टिविटी और नए एक्सप्रेस-वे से रफ्तार पकड़ेगा विकास

मध्यप्रदेश में भोपाल-विदिशा मार्ग को 1758 करोड़ रुपये की लागत से 4-लेन बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मेट्रोपोलिटन विकास और सड़क नेटवर्क को लेकर बड़ा ऐलान किया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन के बीच नए एक्सप्रेस-वे और बायपास निर्माण से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

भोपाल. प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के नए दौर की शुरुआत की घोषणा की है। इस कड़ी में भोपाल–विदिशा मार्ग को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत वाली महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर आधारित इस प्रोजेक्ट के तहत 44.83 किलोमीटर लंबे मौजूदा 2-लेन मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ 4-लेन चौड़ा किया जाएगा। यह रूट भोपाल के भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एनएच-146 के सांची–सलामतपुर जंक्शन तक जाएगा।

यातायात दबाव घटाने के लिए बनेंगे तीन नए बायपास

इस व्यस्त मार्ग पर वर्तमान में वाहनों का दबाव निर्धारित मानकों से काफी अधिक है, जिससे आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनती है। यातायात को सुगम बनाने के लिए परियोजना में 8.25 किलोमीटर कुल लंबाई के तीन बायपास शामिल किए गए हैं। इनमें 1.80 किमी लंबा सूखी सेवनिया बायपास, 1.35 किमी लंबा बेरखेड़ी बायपास और 5.10 किमी लंबा सलामतपुर बायपास शामिल है। इनके निर्माण से रिहाइशी इलाकों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। यह मार्ग भोपाल–कानपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए प्रमुख फीडर रूट के रूप में भी काम करेगा और सांची स्तूप तथा उदयगिरि की गुफाओं जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान बनाएगा।

भोपाल, इंदौर और उज्जैन मेट्रोपोलिटन रीजन का विकास

राज्य सरकार भोपाल, इंदौर और उज्जैन को मिलाकर विकास का एक मजबूत त्रिकोण तैयार कर रही है। उज्जैन-इंदौर क्षेत्र में इंदौर–उज्जैन 6-लेन मार्ग, ग्रीनफील्ड 4-लेन मार्ग, उज्जैन-जावरा 4-लेन और उज्जैन सिंहस्थ बायपास जैसी परियोजनाओं पर काम जारी है। वहीं भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के लिए भोपाल वेस्टर्न बायपास, ईस्टर्न बायपास और भोपाल–इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की योजना बनाई गई है। इन परियोजनाओं से भारी वाहन शहरों के बाहर से ही निकल सकेंगे, जिससे यात्रा समय में बचत होगी और शहरी यातायात सुव्यवस्थित रहेगा।

88,634 करोड़ रुपये का भविष्यदर्शी रोड मास्टर प्लान

प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 29,682 किलोमीटर लंबी सड़कों के उन्नयन और निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 88,634 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही सागर-सतना, भोपाल-मंदसौर, जबलपुर-आशापुर सहित सात नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय आधा रह जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button