सावन के दूसरे सोमवार चांदी की पालकी और हाथी पर सवार होकर निकलेंगे बाबा महाकाल
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से सावन के दूसरे सोमवार को भगवान महाकाल की दूसरी सवारी निकाली जाएगी। इस दौरान बाबा महाकाल चांदी की पालकी में 'चंद्रमौलेश्वर' और हाथी पर 'मनमहेश' रूप में नगर भ्रमण करेंगे। यह सवारी लोक नृत्यों की थीम पर आधारित होगी, जिसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

उज्जैन. उज्जैन में सावन के दूसरे सोमवार को भगवान महाकालेश्वर की दूसरी भव्य सवारी निकाली जाएगी। बाबा महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर और हाथी पर मनमहेश रूप में विराजमान होकर प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। विभिन्न लोक नृत्यों की थीम पर आधारित इस सवारी में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सावन के दूसरे सोमवार दो दिव्य रूपों में दर्शन देंगे अवंतिकानाथ
उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर से सावन मास के दूसरे सोमवार को भव्य सवारी निकाली जा रही है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के एक साथ दो अत्यंत दिव्य और सुंदर रूपों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। अवंतिकानाथ अपनी प्रजा का हालचाल जानने के लिए पूरे लाव-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस दौरान मुख्य सवारी में भगवान महाकाल चांदी की पालकी में ‘चंद्रमौलेश्वर’ रूप में विराजमान रहेंगे, जबकि श्यामू नामक हाथी पर उनका ‘मनमहेश’ स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। लगभग पांच किलोमीटर लंबे पारंपरिक सवारी मार्ग पर आस्था और भक्ति का भव्य समागम देखने को मिलेगा।
विभिन्न लोक नृत्यों की सांस्कृतिक थीम पर आधारित होगी यात्रा
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने इस वर्ष सावन मास की सभी सवारियों के लिए एक विशेष थीम-आधारित व्यवस्था लागू की है। 3 अगस्त को आयोजित पहली सवारी ‘वैदिक उद्घोष’ की थीम पर संपन्न हुई थी। वहीं, इस सोमवार को निकलने वाली दूसरी सवारी ‘विभिन्न लोक नृत्यों’ की थीम पर आधारित रखी गई है। इस यात्रा में देश के अलग-अलग राज्यों से आमंत्रित लोक कलाकारों के दल अपनी पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हुए चलेंगे। इस नई पहल से नगरवासियों तथा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
पूर्व की कमियों से सबक, पुजारियों के सुझावों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त
सावन की पहली सवारी के दौरान हुई भीड़भाड़ और अव्यवस्था के कारण कुछ आपाधापी का माहौल बन गया था, जिसमें मंदिर के कुछ पुजारियों को चोटें भी आई थीं। इस घटना के उपरांत पुजारियों ने मंदिर समिति को वास्तविक स्थितियों से अवगत कराते हुए सुरक्षा और संचालन संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे। दूसरी सवारी के दौरान मंदिर प्रशासन पुजारियों द्वारा दिए गए इन सभी सुझावों पर कड़ाई से अमल कर रहा है। सवारी मार्ग और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत किया गया है ताकि सभी श्रद्धालु सुगमता, शांति और सुरक्षा के साथ बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।




