मध्य प्रदेश में मानसून का महातांडव: भोपाल जलमग्न, नदियां उफान पर और कई जिलों में रेड-ऑरेंज अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप जारी। भोपाल समेत कई जिलों में जलभराव, नर्मदा-बेतवा उफान पर। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की दूसरी पारी ने अत्यंत आक्रामक रुख अपना लिया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण प्रदेश के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटों में 7 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे शहर के निचले इलाके, सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं। नदियां और नाले उफान पर आने से कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
राजधानी भोपाल में जलभराव, कॉलोनियों में घुसा पानी
लगातार हो रही बारिश से भोपाल का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है। वीआईपी रोड, भानपुर की गीता नगर कॉलोनी और सेमरा में सड़कें नदियों जैसी नजर आ रही हैं। पात्रा नाले के उफान पर आने से सेमरा के करीब 250 से अधिक घरों में 5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे वाहन डूब गए और घरों में जहरीले जीव घुसने की घटनाएं सामने आई हैं। भारी जलभराव और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए भोपाल, रायसेन और आगर-मालवा में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
उफान पर नदियां और बांध, ब्यावरा में 25 गांवों का संपर्क टूटा
बारिश के रौद्र रूप के कारण नर्मदा, बेतवा और क्षिप्रा जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। जोहिला बांध के दो गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है, जबकि कलियासोत, केरवा और कोलार डैम का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। राजगढ़ के ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से लगभग 25 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। उधर विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों को रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया है:
- अति भारी बारिश की चेतावनी: नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना।
- बारिश का दौर रहेगा जारी: भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना और छतरपुर समेत 40 से अधिक जिलों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है।
12 अगस्त से नया सिस्टम, अगले 4 दिन बेहद महत्वपूर्ण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से अगले चार दिन मध्य प्रदेश के मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहेंगे। हालांकि, अब तक दर्ज 19 इंच (483 मिमी) बारिश के बावजूद प्रदेश में औसत बारिश का कोटा अभी भी सामान्य से करीब 15 प्रतिशत पीछे चल रहा है, जिसे आने वाला नया सिस्टम पूरा कर सकता है।




