जेपीएससी पेपर लीक मामले में हेमंत सरकार का कड़ा एक्शन: पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते गिरफ्तार
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को सीआईडी ने प्रतियोगी परीक्षा गड़बड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। राज्य में जारी छात्र आंदोलनों के बीच इस प्रकरण में अब ईडी भी जांच कर रही है।
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी भारी छात्र प्रदर्शनों के बीच सीआईडी ने बड़ा एक्शन लिया है। जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक 20 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस बीच जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्रकरण दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई
झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों और धांधली के विरोध में रांची में अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे विधानसभा घेराव प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। इस चर्चित प्रकरण में सीआईडी द्वारा की गई यह 20वीं गिरफ्तारी दर्ज की गई है। इससे पूर्व जांच एजेंसी द्वारा उप परीक्षा नियंत्रक सहित कुल 19 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका था।
पूछताछ के दौर के बाद हुई गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते ने विगत 22 जुलाई को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इसके पश्चात सीआईडी की टीम 28 जुलाई से उनसे निरंतर पूछताछ कर रही थी। इसके अलावा, आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा स्वीकार किया जा चुका है। सीआईडी ने इन तीनों पूर्व सदस्यों को भी कथित प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रियाओं में हुई अन्य अनियमितताओं के सिलसिले में पूछताछ हेतु सम्मन जारी किया है।
मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रविष्टि
एक ओर जहां आक्रोशित अभ्यर्थी पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की मांग पर कायम हैं, वहीं दूसरी ओर मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईडी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा सहित राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए वित्तीय अपराधों का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने झारखंड सीआईडी द्वारा दर्ज प्राथमिकियों और अन्य औपचारिक शिकायतों के आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
अभ्यर्थियों का जोरदार विधानसभा मार्च और पुलिस कार्रवाई
परीक्षाओं की निष्पक्षता और सीबीआई जांच की मांग को लेकर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे और विधानसभा की ओर कूच किया। प्रदर्शनकारी सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए कई अवरोधकों को तोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को जल बौछार (वाटर कैनन) और लाठीचार्ज का प्रयोग करना पड़ा। पिछले 9 दिनों से अनशन पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्रनाथ महतो भी एम्बुलेंस के माध्यम से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील और छात्रों का संकल्प
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के चित्र को हाथ में थामे दिखाई दिए। अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ा है और उनका वजन लगभग 10.5 किलोग्राम कम दर्ज हुआ है। उन्होंने आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी हाथों में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने अथवा सीबीआई जांच कराने की मांग वाले पोस्टर लिए हुए थे। छात्रों ने संकल्प व्यक्त किया कि प्रशासनिक बाधकों के बावजूद वे अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाकर ही रहेंगे।




