युवाओं के भविष्य और परीक्षा पारदर्शिता के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से सार्थक चर्चा के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

गुरुग्राम. गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा तथा केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के दृष्टिकोण, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा विस्तार से साझा की गई। दोनों पक्षों के बीच हुई इस बेहद सकारात्मक और सार्थक चर्चा के उपरांत सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
युवाओं के भविष्य और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर जोर
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। सरकार का मुख्य ध्यान विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें पारदर्शी माहौल प्रदान करने पर है।
पेपर लीक के खिलाफ सख्त कदम और सुरक्षा उपाय
मुख्यमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी समस्याओं से निपटने के लिए बेहद कड़े कानून और कदम उठाए जा रहे हैं। परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार जरूरी सुधार कर रही है, जिससे हर योग्य और मेधावी छात्र के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




